मनोरंजन: 90 के दशक का मशहूर टीवी शो 'शक्तिमान' आज भी लोगों की यादों में बसा हुआ है। बच्चों के बीच इस शो की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि हर रविवार को बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए टीवी के सामने बैठ जाते थे। मुकेश खन्ना का निभाया हुआ सुपरहीरो किरदार 'शक्तिमान' भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे यादगार किरदारों में शामिल है। हालांकि, इस शो के पीछे संघर्ष की ऐसी कहानी भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
आज जिस शो को भारत के पहले टीवी सुपरहीरो शो के तौर पर याद किया जाता है, उसे बनाने के लिए मुकेश खन्ना को काफी आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। शो की शुरुआत आसान नहीं थी और इसके निर्माण के लिए उन्हें बड़ी रकम उधार लेनी पड़ी थी।
मुकेश खन्ना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'शक्तिमान' बनाने का विचार उन्हें एक बच्चे के खिलौने से आया था। उन्होंने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाला एक बच्चा अपने खिलौनों से खेलता था और उनकी साफ-सफाई का भी ध्यान रखता था। बच्चे की इस आदत को देखकर उनके और उनके दोस्त के मन में विचार आया कि भारत में अपना कोई सुपरहीरो कैरेक्टर क्यों नहीं होना चाहिए।
उस समय भारत में इस तरह के बड़े स्तर के शो बनाना आसान नहीं था। सुपरहीरो किरदार, स्पेशल इफेक्ट्स और बड़े सेट के लिए काफी पैसों की जरूरत थी, लेकिन मुकेश खन्ना के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी। इसके बाद उन्होंने एक व्यक्ति से मुलाकात की, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया और बिना किसी ब्याज के 75 लाख रुपये उधार दिए।
मुकेश खन्ना ने बताया था कि इसी आर्थिक मदद से उन्होंने 'शक्तिमान' को तैयार किया। जब शो सफल हुआ और दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ी, तो उन्होंने एक-दो साल के अंदर ही वह उधार रकम वापस कर दी थी। उन्होंने उस व्यक्ति के भरोसे और सहयोग को भी याद किया था, जिसने मुश्किल समय में उनका साथ दिया।
हालांकि, शो की शूटिंग के दौरान भी कई बार आर्थिक संकट खड़ा हुआ। मुकेश खन्ना ने बताया था कि एक समय ऐसा आया जब पैसों की कमी के कारण शूटिंग रुकने की स्थिति बन गई थी। उस वक्त शो के स्टाफ और क्रू टीम ने मिलकर 15 से 20 हजार रुपये इकट्ठे किए थे, जिससे शूटिंग दोबारा शुरू हो सकी। बाद में उन्होंने स्टाफ के पैसे भी लौटा दिए थे।
13 सितंबर 1997 को दूरदर्शन पर शुरू हुआ 'शक्तिमान' देखते ही देखते बच्चों का सबसे पसंदीदा शो बन गया। शो की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई थी कि इसकी टीआरपी लगातार रिकॉर्ड बना रही थी। मुकेश खन्ना के डबल रोल ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वह एक तरफ शक्तिमान के किरदार में नजर आए, तो दूसरी तरफ पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री नाम के मजाकिया फोटोग्राफर के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय हुए।
इतनी सफलता के बावजूद इस शो को आर्थिक कारणों से बंद करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूरदर्शन के साथ वित्तीय विवाद इसकी बड़ी वजह बना। मुकेश खन्ना का कहना था कि शो की लोकप्रियता बढ़ने के बाद दूरदर्शन ने प्रसारण स्लॉट की फीस बढ़ा दी थी, जिससे शो का खर्च संभालना मुश्किल हो गया।
लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण आखिरकार उन्हें भारी मन से 'शक्तिमान' को बंद करने का फैसला लेना पड़ा। करीब आठ साल तक दर्शकों का मनोरंजन करने वाला यह शो सालों बाद भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।
'शक्तिमान' की कहानी सिर्फ एक सुपरहीरो की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, भरोसे और मेहनत की मिसाल भी है। सीमित संसाधनों के बावजूद मुकेश खन्ना ने ऐसा किरदार बनाया, जिसे आज भी कई पीढ़ियां याद करती हैं।