लाइफ स्टाइल : चेहरे पर प्राकृतिक चमक पाने के लिए लोग महंगे स्किनकेयर उत्पादों से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई उपाय आजमाते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों चावल और दूध से तैयार होने वाला फेस मास्क चर्चा में है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. उपासना वोहरा ने इसे 30 दिनों तक इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। उनका दावा है कि नियमित उपयोग से त्वचा को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी घरेलू नुस्खे का असर हर व्यक्ति पर समान नहीं होता, इसलिए इसे सावधानी से आजमाना जरूरी है।
इस फेस मास्क को तैयार करने के लिए सामान्य चावल और थोड़े दूध की जरूरत होती है। सबसे पहले चावल को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उसमें पर्याप्त पानी डालकर इतना पकाएं कि चावल पूरी तरह नरम हो जाए। पके हुए चावल को ठंडा करने के बाद मिक्सर में डालें और आवश्यकतानुसार दूध मिलाकर मुलायम पेस्ट तैयार कर लें। मिश्रण बहुत गाढ़ा या बहुत पतला नहीं होना चाहिए, ताकि उसे चेहरे पर आसानी से लगाया जा सके।
फेस मास्क इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को किसी सौम्य और खुशबू रहित क्लींजर से साफ कर लेना चाहिए। इसके बाद पेस्ट की पतली परत चेहरे पर लगाएं और आंखों तथा होंठों के आसपास का हिस्सा छोड़ दें। इसे 15 से 20 मिनट तक रखना पर्याप्त है। मास्क सूखने के बाद चेहरे को जोर से रगड़ने के बजाय सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से धीरे-धीरे साफ करें। इसके बाद त्वचा की प्रकृति के अनुसार नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर लगाया जा सकता है।
सोशल मीडिया के नुस्खे में इसे रोजाना 30 मिनट लगाने और हटाते समय हल्के हाथों से स्क्रब करने की सलाह दी गई है। लेकिन प्रतिदिन रगड़ने से संवेदनशील त्वचा में लालिमा, जलन और त्वचा की सुरक्षात्मक परत को नुकसान हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरा साफ करते समय स्क्रब या ज्यादा रगड़ने से बचने और त्वचा के साथ कोमल व्यवहार करने की सलाह देती है। विशेष रूप से मुंहासे, रोसैशिया और एक्जिमा वाले लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए।
चावल में मौजूद स्टार्च त्वचा पर एक मुलायम परत बनाकर नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है। एक छोटे अध्ययन में चावल के स्टार्च मिले पानी से क्षतिग्रस्त त्वचा की अवरोधक क्षमता में कुछ सुधार पाया गया था। हालांकि यह अध्ययन चेहरे पर चावल और दूध के मास्क या उसके 30 दिनों के इस्तेमाल पर आधारित नहीं था। चावल से बने त्वचा उत्पादों पर उपलब्ध वैज्ञानिक समीक्षा भी बताती है कि इनके संभावित लाभ हैं, लेकिन मजबूत निष्कर्ष के लिए अधिक शोध की जरूरत है।
दूध में लैक्टिक एसिड होता है, लेकिन घरेलू दूध में उसकी मात्रा और प्रभाव नियंत्रित नहीं होते। दूध से एलर्जी, सक्रिय मुंहासे या बहुत संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इससे जलन हो सकती है। इसलिए मास्क चेहरे पर लगाने से पहले बांह या कान के पीछे थोड़ा मिश्रण लगाकर 24 घंटे का पैच टेस्ट करना चाहिए। खुजली, लालिमा, सूजन या दाने होने पर इसका उपयोग बंद कर दें।
चावल और दूध का तैयार मिश्रण जल्दी खराब हो सकता है। इसे लंबे समय तक फ्रिज में रखने के बजाय ताजा बनाना अधिक सुरक्षित है। दुर्गंध, रंग या बनावट में बदलाव दिखे तो इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें। त्वचा पर घाव, संक्रमण या गंभीर मुंहासे हों तो घरेलू प्रयोग से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।
यह फेस मास्क त्वचा का प्राकृतिक रंग नहीं बदल सकता और न ही दाग-धब्बों का प्रमाणित इलाज है। स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए नियमित सनस्क्रीन, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन, पानी और सामान्य स्किनकेयर दिनचर्या ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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