अंगूठा चूसना कब बन सकता है नुकसानदायक, जानें आदत छुड़ाने के उपाय

Update: 2026-07-23 13:09 GMT

Lifestyle लाइफ स्टाइल :  छोटे बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत को आमतौर पर सामान्य माना जाता है। नवजात शिशुओं में यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है, जो उन्हें आराम और सुरक्षा का एहसास कराती है। कई बच्चे मां के गर्भ से ही अंगूठा चूसना शुरू कर देते हैं और जन्म के बाद भी कुछ समय तक यह आदत बनी रहती है। हालांकि, उम्र बढ़ने के बाद भी अगर बच्चा लगातार अंगूठा चूसता रहता है तो यह चिंता का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर बच्चे 4 साल की उम्र तक इस आदत को खुद छोड़ देते हैं। लेकिन अगर दूध के दांत टूटने के बाद भी बच्चा अंगूठा चूसना जारी रखता है, तो इसका असर उसके दांतों, जबड़े और मुंह की बनावट पर पड़ सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक अंगूठा चूसने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

बच्चे क्यों चूसते हैं अंगूठा?

बच्चों में चूसने की प्रवृत्ति जन्मजात होती है। नवजात शिशुओं के लिए यह सिर्फ भूख मिटाने का तरीका नहीं होता, बल्कि उन्हें मानसिक शांति और सुरक्षा का एहसास भी देता है। कई बच्चों को अंगूठा चूसने से जल्दी नींद आती है, इसलिए वे सोते समय ऐसा करते हैं।

कुछ बच्चे तनाव, डर या अकेलापन महसूस करने पर भी अंगूठा चूसने लगते हैं। धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन जाती है और वे बिना किसी खास वजह के भी अंगूठा चूसने लगते हैं। अगर समय रहते इस आदत को नियंत्रित नहीं किया जाए तो आगे चलकर इसे छुड़ाना मुश्किल हो सकता है।

कब माता-पिता को सतर्क होने की जरूरत है?

2 से 4 साल तक की उम्र में बच्चे का अंगूठा चूसना सामान्य माना जाता है। इस उम्र में अधिकतर बच्चे धीरे-धीरे अपनी यह आदत छोड़ देते हैं। लेकिन अगर 5 से 6 साल की उम्र तक भी बच्चा अंगूठा चूस रहा है तो माता-पिता को ध्यान देना चाहिए।

लंबे समय तक अंगूठा चूसने से दांतों की स्थिति बदल सकती है। आगे के दांत बाहर की ओर निकल सकते हैं और जबड़े के विकास पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा गंदे हाथों या अंगूठे के कारण मुंह में बैक्टीरिया जाने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

बच्चे की अंगूठा चूसने की आदत कैसे छुड़ाएं?

माता-पिता को बच्चे को डांटने या डराने के बजाय प्यार और धैर्य के साथ इस आदत को छुड़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं।

पहला तरीका है कि बच्चे का ध्यान दूसरी गतिविधियों की ओर लगाएं। जब भी बच्चा अंगूठा चूसने लगे तो उसे खेल, ड्राइंग या किसी पसंदीदा काम में व्यस्त कर सकते हैं।

दूसरा तरीका है बच्चे की तारीफ करना। जब बच्चा बिना अंगूठा चूसे कुछ समय बिताए तो उसकी सराहना करें। इससे बच्चे में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह धीरे-धीरे इस आदत को छोड़ने की कोशिश करेगा।

तीसरा तरीका है सोने के समय बच्चे को आरामदायक माहौल देना। कई बच्चे नींद आने के समय अंगूठा चूसते हैं। ऐसे में कहानी सुनाना, प्यार से बात करना या कोई दूसरा तरीका अपनाकर उसे शांत किया जा सकता है।

चौथा तरीका है जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डेंटिस्ट की सलाह लेना। अगर बच्चा काफी बड़ा हो चुका है और आदत नहीं छोड़ पा रहा है तो विशेषज्ञ बेहतर उपाय बता सकते हैं।

माता-पिता को यह समझना चाहिए कि अंगूठा चूसना बच्चों के विकास का एक सामान्य हिस्सा हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के बाद इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते प्यार और सही तरीके से कोशिश करने पर बच्चे को इस आदत से आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।

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