अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के बीच कडप्पा जिले की पुलिवेंदुला नगरपालिका के मतदान आंकड़ों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने मतदान के आंकड़ों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में ‘अन्य’ श्रेणी के केवल 14 मतदाता दर्ज होने और 681 ‘अन्य’ वोटों के आंकड़े को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी का कहना है कि इन आंकड़ों के बीच अंतर की जांच होनी चाहिए और निर्वाचन अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।पुलिवेंदुला पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गृह क्षेत्र है। ऐसे में यहां हो रहे नगर निकाय चुनाव पर पहले से ही राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। रविवार, 1 नवंबर 2026 को मतदान के दौरान सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और YSRCP के बीच तनाव की स्थिति भी सामने आई। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
14 मतदाताओं और 681 वोटों का आंकड़ा बना विवाद
YSRCP ने पुलिवेंदुला के मतदान आंकड़ों में ‘अन्य’ श्रेणी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी की आपत्ति है कि जब मतदाता सूची में इस श्रेणी के केवल 14 मतदाता दर्ज हैं तो 681 ‘अन्य’ वोटों का आंकड़ा कैसे सामने आया? पार्टी ने इस अंतर को गंभीर बताते हुए निर्वाचन अधिकारियों से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उपलब्ध मतदाता विवरण में पुलिवेंदुला नगरपालिका के कुल 54,466 पंजीकृत मतदाता बताए गए हैं। इनमें 25,970 पुरुष, 28,482 महिलाएं और 14 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़ा मतदान से पहले की मतदाता सूची से संबंधित है। हालांकि, 681 ‘अन्य’ वोटों के आंकड़े की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए इस अंतर को फिलहाल YSRCP की ओर से उठाए गए सवाल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।पार्टी का कहना है कि चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची और मतदान के अंतिम आंकड़ों का मिलान जरूरी है। यदि आंकड़ों में अंतर है तो निर्वाचन अधिकारियों को उसका कारण बताना चाहिए। हालांकि, केवल आंकड़ों में अंतर का आरोप लगने से मतदान में गड़बड़ी साबित नहीं होती। इसके लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच आवश्यक होगी।
70 मतदान केंद्रों पर कब्जे का भी आरोप
मतदान के दौरान YSRCP प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सत्तारूढ़ TDP पर गंभीर आरोप लगाए। जगन का दावा है कि पुलिवेंदुला नगरपालिका के कुल 80 मतदान केंद्रों में से लगभग 70 केंद्रों पर TDP समर्थकों ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के मतदान एजेंटों को मतदान केंद्रों के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।जगन के मुताबिक, कुछ मतदान केंद्रों पर YSRCP के एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया और उनके सामने ही कथित रूप से फर्जी मतदान कराया गया। उन्होंने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिली।जगन ने प्रभावित मतदान केंद्रों पर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल के मतदान एजेंटों को ही बूथों पर मौजूद रहने का अवसर नहीं दिया जाएगा तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे जगन
चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर जगन मोहन रेड्डी ने रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के करीब 70 मतदान एजेंटों को साथ लेकर निर्वाचन अधिकारी के सामने शिकायत रखी जाएगी।जगन ने मांग की कि जिन मतदान केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, वहां मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराया जाए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई।YSRCP प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवारों और एजेंटों को डराने की कोशिश की गई। पार्टी की ओर से महिला उम्मीदवार पर हमले और एक मतदान एजेंट के हाथ में फ्रैक्चर होने का दावा भी किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
TDP ने भी YSRCP पर लगाए आरोप
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ TDP ने YSRCP के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। TDP एमएलसी वरला रामैया ने जगन मोहन रेड्डी पर पुलिवेंदुला में हिंसा और आगजनी के जरिए मतदान प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि YSRCP कार्यकर्ता चुनाव में हार की आशंका के चलते माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।TDP नेता ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाहरी लोगों को बुलाकर फर्जी मतदान कराने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई की। इस तरह दोनों राजनीतिक दलों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुलिवेंदुला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतदान के दौरान तनाव को देखते हुए पुलिवेंदुला में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से निगरानी भी की गई। कडप्पा जिले में TDP और YSRCP कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए।आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के तहत 13 नगर निगमों और नगरपालिकाओं सहित विभिन्न निकायों में मतदान कराया गया। इन चुनावों की मतगणना 3 नवंबर को निर्धारित है।
अब निर्वाचन अधिकारियों के जवाब पर नजर
पुलिवेंदुला में 14 मतदाताओं और 681 ‘अन्य’ वोटों को लेकर उठे सवाल ने चुनावी पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है। YSRCP इस मामले में निर्वाचन अधिकारियों से स्पष्ट जवाब चाहती है। वहीं, TDP ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है।फिलहाल 681 वोटों के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि और उसके आधार का विवरण सामने आना बाकी है। ऐसे में मतदाता सूची, मतदान रजिस्टर और अंतिम मतदान रिपोर्ट का मिलान महत्वपूर्ण होगा। चुनाव आयोग की जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आंकड़ों में कोई वास्तविक विसंगति है या मामला आंकड़ों की व्याख्या से जुड़ा है।
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