अमरावती: आंध्र प्रदेश पुलिस ने राज्य भर में 4,372 स्थानों पर 36,351 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। राज्य के DGP ने शुक्रवार को बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ये व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 से 29 अक्टूबर के बीच राज्य भर में चुनाव से जुड़े कुल 261 मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक 61 मामले तिरुपति जिले से सामने आए, इसके बाद YSR कडप्पा (36), अन्नामय्या (31), अनंतपुर (26) और मरकापुरम (22) का स्थान रहा।
उन्होंने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "आंध्र प्रदेश भर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हों, यह सुनिश्चित करने के लिए 4,372 स्थानों पर 36,351 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।" इन मामलों के सिलसिले में 107 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 733 लोगों को 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) के तहत नोटिस जारी किए गए। सबसे अधिक गिरफ्तारियां अन्नामय्या जिले में (51) हुईं। इसके बाद तिरुपति (27), YSR कडप्पा (16), प्रकाशम (8) और कुरनूल (5) का नंबर आता है।
ये मामले नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई चुनाव-संबंधी हिंसा और गड़बड़ियों के कारण दर्ज किए गए। इनमें मारपीट, राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प, नामांकन पत्र छीनना या नष्ट करना, पथराव, घरों पर हमले, वाहनों में आग लगाना और उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकना जैसी घटनाएं शामिल हैं। कई जिलों में पुलिसकर्मियों पर भी हमले हुए, साथ ही सड़क जाम करने और लोगों को डराने-धमकाने की घटनाएं भी सामने आईं। इसके अलावा, पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 2,726 लंबित गैर-जमानती वारंटों (non-bailable warrants) पर कार्रवाई की।
राज्य भर में की गई जांच और प्रवर्तन अभियानों के दौरान, पुलिस ने 4.9 लाख रुपये नकद, लगभग 12 लाख रुपये मूल्य की शराब और 39,000 रुपये कीमत की 114.1 लीटर अवैध शराब जब्त की। उन्होंने 2.9 करोड़ रुपये की कीमत का 496 किलोग्राम गांजा और 1.4 लाख रुपये मूल्य के पटाखे भी जब्त किए। पुलिस विभाग ने मतदान केंद्रों, मतदान सामग्री वितरण केंद्रों, मतपेटियों वाले स्ट्रांग रूम और अन्य संवेदनशील जगहों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि मतदाताओं को डरा-धमकाकर, उन पर हमला करके, अवैध हथियारों का इस्तेमाल करके, प्रलोभन देकर या किसी अन्य गैर-कानूनी तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें शामिल व्यक्ति का पद या राजनीतिक रसूख चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
गुप्ता ने कहा, "लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे कीमती अधिकारों में से एक है। हर मतदाता को बिना किसी डर, दबाव या प्रलोभन के, पूरी आजादी के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिलना चाहिए।" पुलिस ने बताया कि पुलिसकर्मियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। जो लोग कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने या हिंसक गतिविधियों के जरिए मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम जनता से अपील की है कि वे चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। ये चुनाव 100 शहरी स्थानीय निकायों में हो रहे हैं, जिनमें 13 नगर निगम और 87 नगरपालिकाएं व नगर पंचायतें शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, राज्य चुनाव आयोग ने 22 अक्टूबर को एक संशोधित कार्यक्रम जारी किया था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर को जारी की गई थी। मतदान 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। यदि जरूरत पड़ी, तो 2 नवंबर को दोबारा मतदान (रीपोलिंग) कराया जाएगा, और वोटों की गिनती 3 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
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