अमरावती: SRM यूनिवर्सिटी-AP के 'पारी स्कूल ऑफ बिजनेस' (PSB) ने 'एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट कम्युनिटी एक्सेलेरेटर' और 'द कोज़ाई ग्रुप' के साथ मिलकर, शोध क्षमताओं को मजबूत करने और उच्च-प्रभाव वाले अकादमिक प्रकाशनों को बढ़ावा देने के लिए 'अर्ली करियर रिसर्चर्स पब्लिशिंग बूट कैंप' का आयोजन किया।
इस गहन कार्यक्रम में डॉक्टरेट के छात्र, पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता और शुरुआती करियर वाले फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। इस पहल का नेतृत्व जाने-माने मैनेजमेंट विद्वानों - गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. एलन बर्ड और ICFAI फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन, हैदराबाद की प्रो-वाइस चांसलर व सीनियर प्रोफेसर, प्रो. एलिज़ाबेथ एल. रोज़ - ने किया।
इस बूट कैंप में प्रतिभागियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन (मेंटॉरिंग), व्यवस्थित लेखन सत्र और पीयर-रिव्यू (सहकर्मी समीक्षा) अभ्यास कराए गए, ताकि वे अपने शोध पत्रों (मैन्युस्क्रिप्ट्स) को बेहतर बनाकर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में जमा कर सकें।
सत्रों के दौरान, विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक शोध लक्ष्य तय करने, सह-लेखन (को-ऑथरशिप) का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और समीक्षकों (रिव्यूअर्स) की टिप्पणियों पर सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने शोध पत्रों के विभिन्न हिस्सों को मजबूत करके 'डेस्क रिजेक्शन' (शुरुआती स्तर पर ही अस्वीकृति) से बचने की रणनीतियां भी बताईं।
प्रो. बर्ड और प्रो. रोज़ ने इस बात पर जोर दिया कि किसी शोध पत्र की लंबाई या उसकी तकनीकी जटिलता की तुलना में, शोध की गुणवत्ता, स्पष्टता और अकादमिक कठोरता (rigour) कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है।