अमरावती: चक्रवात 'अरनाब' के दौरान, आंध्र प्रदेश सरकार के व्हाट्सएप-आधारित गवर्नेंस प्लेटफॉर्म 'माना मित्रा' ने लोगों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाई। शुक्रवार शाम तक, इस सेवा के जरिए मिली 1,500 से अधिक शिकायतों में से 95 प्रतिशत से ज्यादा का समाधान अधिकारियों द्वारा कर दिया गया।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और आईटी एवं रियल-टाइम गवर्नेंस मंत्री नारा लोकेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के निवासी 'माना मित्रा' के जरिए अपनी स्थानीय समस्याओं की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचा सकें। रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) ने तुरंत इस सुविधा को सक्रिय किया और लोगों को इस सेवा के बारे में बताने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए।
निवासियों ने इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जलभराव, पेड़ों के गिरने, बिजली गुल होने, और भोजन व दवाओं की कमी जैसी आपातकालीन जरूरतों के लिए मदद मांगने के लिए किया।
RTG सचिव भास्कर कटमनेनी और RTGS के CEO प्रखर जैन ने खुद इन शिकायतों की निगरानी की। हर समस्या को संबंधित 'स्वर्ण ग्राम' या 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालय को भेजा गया, संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया और समाधान होने तक उस पर नजर रखी गई। अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर इन शिकायतों का निपटारा किया।
सबसे ज्यादा शिकायतें गोदावरी जिलों से आईं, जो चक्रवात की मार सबसे ज्यादा झेल रहे थे। कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी के निवासियों ने इस प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। उत्तरी आंध्र के लोगों ने भी अपनी समस्याएं बताईं; अकेले विशाखापत्तनम और श्रीकाकुलम जिलों से ही सैकड़ों शिकायतें आईं।
इस प्लेटफॉर्म की पहुंच तब और बढ़ गई जब प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने 'माना मित्रा' के नंबर - 9552300009 - को अपनी व्हाट्सएप प्रोफाइल पिक्चर और स्टेटस मैसेज के रूप में लगाया। कई व्हाट्सएप ग्रुप्स ने भी इस नंबर को अपनी डिस्प्ले पिक्चर और स्टेटस पर लगाया, जिससे आपातकाल के दौरान जागरूकता फैलाने में मदद मिली। नतीजतन, चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के हर घर में यह नंबर जाना-पहचाना हो गया।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम ने भी चक्रवात के दौरान आपातकालीन सहायता प्रदान की। निवासियों ने टोल-फ्री नंबरों 112, 1070 और 1800 425 0101 के ज़रिए कंट्रोल रूम से संपर्क किया। अधिकारियों को कुल 741 कॉल प्राप्त हुईं और उन्होंने बताई गई समस्याओं का तुरंत समाधान किया।