विजयवाड़ा: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में वेंकटेश्वर मंदिर में अच्युतदेवराय का 16वीं शताब्दी का शिलालेख मिला है।

तमिल में लिखा शिलालेख, मंदिर के तीसरे प्राकार की दक्षिणी दीवार पर पाया गया था।

इसमें तिरुमाला में रहने वाले एकांगी श्रीवैष्णवों में से एक पेरारुलालययन के पक्ष में एक धर्मार्थ कार्य दर्ज किया गया है।

इसमें कहा गया है कि ब्रह्मोत्सवम, कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान आयोजित उरी-अती त्योहार और अध्ययनोत्सवम सहित शुभ अवसरों पर भगवान वेंकटेश्वर को भोजन प्रसाद प्रदान करने के लिए भंडारम (मंदिर के खजाने) में 675 पैनम जमा किए गए थे।

शिलालेख में कहा गया है कि प्रत्येक पनाम 0.36 ग्राम सोने के बराबर था।

प्रति का वर्तमान मूल्य लगभग `5,000 आंका गया है।

यह तिरुवितैयाता-उरकल के नाम से जाने जाने वाले मंदिर गांवों में टैंकों और सिंचाई चैनलों के रखरखाव का भी प्रावधान करता है।

इन गाँवों से काटी गई कृषि उपज को मंदिर के खजाने में भेजा जाना था।

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