विजयवाड़ा: APGENCO की प्रबंध निदेशक और आंध्र प्रदेश राज्य ऊर्जा संरक्षण मिशन (APSECM) की CEO एस. नागलक्ष्मी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपनाना होगा। उन्होंने लोगों से बिजली और पानी बचाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करने की अपील की।
उन्होंने ये बातें 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' (BSLW) के अवसर पर कहीं। यह सप्ताह 1 से 7 नवंबर तक मनाया जा रहा है, जो केंद्र सरकार के 'मिशन LiFE - लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट' (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।
नागलक्ष्मी ने बताया कि एक सप्ताह तक चलने वाली इस पहल का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना है, बल्कि लोगों को व्यावहारिक उपायों के जरिए टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकाऊ जीवनशैली (सस्टेनेबिलिटी) केवल नारों या जागरूकता अभियानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बननी चाहिए। बिजली की लाइटों और उपकरणों को इस्तेमाल न होने पर बंद करना, पानी बचाना, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचना और दोबारा इस्तेमाल होने वाली चीजों को प्राथमिकता देना—जैसे छोटे-छोटे कदम मिलकर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन आदतों को लगातार अपनाने से पर्यावरण की रक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी।
इस सप्ताह के दौरान, आयोजक 'मिशन LiFE' के तहत तय की गई सात मुख्य थीमों पर हर दिन अलग-अलग गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं। इनमें पहले दिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, दूसरे दिन ऊर्जा बचाना, तीसरे दिन पानी का संरक्षण करना, चौथे दिन टिकाऊ खान-पान को बढ़ावा देना, पांचवें दिन सिंगल-यूज़ प्लास्टिक कम करना, छठे दिन इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरा) को कम करना और सातवें दिन सामान्य कचरे को कम करना शामिल है।