सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, 200 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत
विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के निकट कनुरु स्थित सिद्धार्थ एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (डीम्ड विश्वविद्यालय) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार, 7 नवंबर को संपन्न हो गया। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक विज्ञान, तकनीकी नवाचार और अनुसंधान से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने 200 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए।
विश्वविद्यालय के गणित विभाग की ओर से 5 से 7 नवंबर तक 'इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कम्प्यूटेशनल साइंस एंड इंटेलिजेंट इंजीनियरिंग' (ICoSIE-2026) का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य कम्प्यूटेशनल साइंस और इंटेलिजेंट इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत बनाना था।
सम्मेलन के अंतिम दिन श्रीकृष्णदेवराय विश्वविद्यालय, अनंतपुर की प्रोफेसर जी. शोभालता ने 'लेक्सिकोग्राफिक प्रोडक्ट ग्राफ' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने गणितीय अनुसंधान से संबंधित इस विषय के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), राउरकेला के प्रोफेसर बुक्के किरण नाइक ने 'इंटेलिजेंट थर्मोडायनामिक्स' विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने डेटा आधारित प्रणालियों के अनुकूलन और ऊर्जा तथा जल संसाधनों से जुड़े आधुनिक तकनीकी समाधानों के महत्व पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (BUET) की प्रोफेसर रिहीना नसरीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनकी उपस्थिति ने सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक स्वरूप को महत्वपूर्ण बनाया।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. चरण ने बताया कि आयोजन को देशभर के शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले शोधार्थियों ने 200 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए।
तीन दिवसीय आयोजन में वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ तकनीकी विकास और उसके व्यावहारिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन के माध्यम से शोधकर्ताओं को अपने अध्ययन के निष्कर्ष प्रस्तुत करने तथा दूसरे संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।
कम्प्यूटेशनल साइंस और इंटेलिजेंट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों का महत्व बढ़ रहा है। डेटा विश्लेषण, गणितीय मॉडलिंग और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग विभिन्न वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में किया जा रहा है। सम्मेलन में इन विषयों से जुड़े शोध कार्यों को साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया।
आयोजन के दौरान विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपने शोध निष्कर्षों को प्रस्तुत किया। इससे युवा शोधार्थियों को अनुभवी शिक्षाविदों के कार्यों और अनुसंधान पद्धतियों से परिचित होने का अवसर मिला।
समापन समारोह में शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सहभागिता और उत्कृष्टता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। आयोजकों ने सम्मेलन में भाग लेने वाले विशेषज्ञों, शिक्षकों और शोधार्थियों के योगदान की सराहना की।
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन वैज्ञानिक अनुसंधान, शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।