गुवाहाटी : असम में बाढ़ की मुश्किलों के बीच ‘बसकिंग’ यानी सड़क पर संगीत और कला का प्रदर्शन लोगों को जोड़ने और प्रभावित परिवारों के लिए मदद जुटाने का जरिया बन रही है। कलाकार सार्वजनिक जगहों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
संगीत से मदद की अपील
बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। ऐसे समय में स्थानीय कलाकारों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा को राहत प्रयासों से जोड़ने की कोशिश की है। सड़क किनारे होने वाले संगीत कार्यक्रमों के जरिए लोगों से बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग करने की अपील की जा रही है।
कला बनी एकजुटता का माध्यम
बसकिंग सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। कलाकारों के लिए यह सामाजिक एकजुटता और जागरूकता फैलाने का माध्यम बन गई है। गीत और संगीत के जरिए बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
ऐसी पहल का मकसद यह भी है कि राहत अभियानों में आम नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे सकें।
मुश्किल वक्त में समुदाय की ताकत
असम में बाढ़ हर साल बड़ी चुनौती बनती है। सरकारी एजेंसियों और राहत संगठनों के प्रयासों के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है। बसकिंग जैसी पहल दिखाती है कि कला और संस्कृति भी आपदा के समय लोगों को एकजुट करने में भूमिका निभा सकती है।
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