गुवाहाटी : असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश और कई नदियों के बढ़ते जलस्तर ने राज्य के कई हिस्सों में हालात बिगाड़ दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 जिलों में 7.21 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी भी करीब 40 लोग लापता हैं और बचाव एवं राहत कार्य जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री सरमा जल्द ही प्रभावित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक करेंगे। इस दौरान वे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे तथा मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी लेंगे।
लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र सहित राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के उफान पर आने से निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया है। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां लोगों के रहने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। बचाव दल लगातार उन क्षेत्रों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जहां लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमों को तैनात किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।
बाढ़ के कारण लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। कई इलाकों में खेत पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पशुपालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कई स्थानों पर चारे और पशुओं की सुरक्षा की समस्या सामने आई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य राहत एजेंसियां बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में नावों और अन्य साधनों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। जरूरतमंद परिवारों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या सामने आती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश के कारण हालात तेजी से खराब हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई थी, जो अब और गंभीर हो गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और नदी किनारे या जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, राहत पहुंचाना और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना है। मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य में राहत और बचाव अभियान को और तेज किया जा सकता है।