गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी पहलों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के लिए लागू विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पात्र श्रमिकों को सरकारी सहायता और सुविधाओं का लाभ बिना अनावश्यक देरी के मिले।
निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सहायता योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों को परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने को राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
कौशल विकास पर विशेष ध्यान
निर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षित श्रमिकों की मांग को देखते हुए स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के जरिए युवाओं और श्रमिकों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही गई।
कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने से श्रमिकों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
योजनाओं की निगरानी मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं और परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर दिखाई दे और कार्यान्वयन में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
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