असम: असम के नागांव जिले के जुरिया पुलिस स्टेशन में एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क के दो कथित सदस्यों के खिलाफ नई शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि 24 वर्षीय एक महिला को ओमान भेजा गया, जहां उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
शिकायत में जुरिया के कचारी गांव के रहने वाले ईमान अली और दलानी जुरिया की सबिकुन नेहर का नाम शामिल है। इन पर लगे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़िता के परिवार के अनुसार, कदमनी टाउन गांव के नरजुल हक की बेटी जहारुन नेसा से नेहर ने इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती की थी। परिवार का आरोप है कि उसे आलीशान जीवन जीने का लालच देकर विदेश जाने के लिए राजी किया गया।
परिवार का यह भी आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना जहारुन नेसा का पासपोर्ट बनवाया गया और उसे चुपके से ओमान भेज दिया गया।
ओमान पहुंचने के बाद, उसे कोई पक्की नौकरी नहीं दी गई, बल्कि उससे अस्थायी काम कराए गए। परिवार का दावा है कि पिछले तीन महीनों से उसे लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है।
शिकायत के अनुसार, जब परिवार ने महिला को कथित एजेंट के चंगुल से छुड़ाने के लिए इन दोनों आरोपियों से मदद मांगी, तो नेहर ने फोन पर उसे वापस लाने के बदले 2.20 लाख रुपये की मांग की।
कोई और रास्ता न देख, परिवार ने जुरिया पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और इन दोनों लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस शिकायत ने इलाके में सक्रिय एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क के आरोपों की ओर फिर से ध्यान खींचा है। रिपोर्ट में आरोप है कि कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को बेहतर जीवन का लालच दिया जाता है, पासपोर्ट बनवाकर उन्हें मुंबई ले जाया जाता है, और फिर 2 लाख से 5 लाख रुपये के बदले विदेशी एजेंटों को सौंप दिया जाता है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस कथित नेटवर्क के खिलाफ पहले भी अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। उन शिकायतों की मौजूदा स्थिति और इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस नई शिकायत ने मानव तस्करी के कथित रूट और उन परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके तहत महिला को विदेश भेजा गया था। पुलिस की ओर से इस पर कोई और जानकारी नहीं मिल पाई है।
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