बिहार: जमुई पहुंचे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था और बिहार की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि छात्रों की नाराजगी की मुख्य वजह शिक्षा व्यवस्था में पैदा हुई समस्याएं हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री को हटाने में हुई देरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
अख्तरुल ईमान ने कहा कि छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन सरकार ने समय रहते उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार पहले ही उचित कदम उठा लेती तो छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश और तनावपूर्ण स्थिति को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए युवाओं की रिहाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती नहीं होनी चाहिए और सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
अख्तरुल ईमान ने भाजपा पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार अक्सर मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों को आगे करके जनता का ध्यान असली समस्याओं से भटकाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि अब जनता शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों को लेकर सवाल पूछ रही है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश और राज्य के युवाओं का भविष्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मामलों में युवाओं का भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
बिहार की राजनीति को लेकर भी अख्तरुल ईमान ने अपनी राय रखी। विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र में काफी महत्वपूर्ण होती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के पीछे कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक कारण हो सकता है, जिसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
उन्होंने विपक्ष से भी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की। अख्तरुल ईमान ने कहा कि सदन और सड़क दोनों जगह जनता की समस्याओं को सामने रखना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
इसके अलावा AIMIM नेता झाझा प्रखंड के घोरिकवा गांव में एक युवक द्वारा अपनी निजी राशि से बनाए गए पुल को देखने जाने की बात भी कही। उन्होंने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद समाज हित में किया गया यह प्रयास प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी आज भी बड़ी समस्या है। अगर आम लोग अपने स्तर पर ऐसे कार्य करने के लिए आगे आ रहे हैं तो यह सरकार की विकास व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि घोरिकवा गांव में बने इस पुल से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
अख्तरुल ईमान ने कहा कि समाज के लिए अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर अधिक ध्यान दे और विकास योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने का काम करे।
जमुई में AIMIM नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में बहस तेज है। उनके बयान से बिहार की राजनीति में भी एक बार फिर शिक्षा और युवाओं के मुद्दे केंद्र में आ गए हैं।