पटना। भारतीय जनता पार्टी सोमवार, 2 नवंबर को बिहार और पश्चिम बंगाल में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत दो बड़ी पदयात्राओं का आयोजन करने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इन दोनों कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। भाजपा के अनुसार, यह अभियान विपक्ष की ओर से कथित तौर पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं, दुष्प्रचार और राजनीतिक अराजकता के विरोध में चलाया जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य इन पदयात्राओं के माध्यम से जनता तक अपना पक्ष पहुंचाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाना है।
भाजपा की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, पहली पदयात्रा बिहार के भागलपुर में आयोजित होगी। इसकी शुरुआत सुबह 11 बजे लाजपत पार्क से होगी और दोपहर 12:30 बजे सेवा ज्योति चौक पर इसका समापन निर्धारित है। कार्यक्रम में पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। इसके बाद पश्चिम बंगाल में भी इसी अभियान के तहत पदयात्रा आयोजित करने की योजना है। हालांकि, बंगाल में कार्यक्रम के सटीक स्थान और समय की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
भाजपा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कोलकाता में दूसरी पदयात्रा दोपहर तीन बजे कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होगी और शाम 5:30 बजे धर्मतल्ला में समाप्त होगी। दोनों कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी ने इन आयोजनों को अपने राष्ट्रव्यापी राजनीतिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
भागलपुर में नितिन नवीन के आगमन को लेकर संगठनात्मक तैयारियां की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह सुबह करीब 10 बजे पूर्णिया हवाई अड्डे पहुंचेंगे। वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए सुबह 10:25 बजे भागलपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद सड़क मार्ग से लाजपत पार्क जाएंगे और पदयात्रा में शामिल होंगे। करीब डेढ़ घंटे तक चलने वाली पदयात्रा के समापन पर वह कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होंगे।
भाजपा का कहना है कि इस अभियान के जरिए विपक्ष की ओर से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया जाएगा। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने और जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं। विपक्षी दल भी चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक संस्थाओं और सरकार की नीतियों को लेकर अपने सवाल उठाते रहे हैं।
पार्टी के मुताबिक, पदयात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना भी है। भाजपा कार्यकर्ताओं को गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचकर पार्टी का पक्ष रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। संगठन का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ेगी और जनता के साथ संपर्क मजबूत होगा।
भागलपुर में कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन और पदयात्रा के दौरान यातायात तथा भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां की हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शहर में 21 स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। पदयात्रा मार्ग और आसपास के प्रमुख स्थानों पर पुलिस की निगरानी रहेगी, ताकि कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
इससे पहले रविवार को नितिन नवीन ने हरियाणा के रोहतक में आयोजित इसी अभियान की पदयात्रा में भाग लिया था। वहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास पैदा करने का आरोप भी लगाया।
पश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाली पदयात्रा का राजनीतिक महत्व भी माना जा रहा है। राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष के विरोध का जवाब देने के लिए जनसंपर्क अभियान चला रही है। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की योजना है। पार्टी ने आने वाले दिनों में हावड़ा, सिलीगुड़ी, कृष्णानगर और दुर्गापुर में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का एक ही दिन बिहार और पश्चिम बंगाल में पदयात्रा करना पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। दोनों राज्यों में स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं, लेकिन पार्टी ने अभियान के लिए एक समान नारा तय किया है। इसके जरिए भाजपा लोकतंत्र और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े अपने संदेश को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से भी इन कार्यक्रमों पर नजर रहेगी, क्योंकि देश में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक विरोध के तौर-तरीकों को लेकर लगातार बहस हो रही है। भाजपा जहां विपक्ष पर दुष्प्रचार का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्षी दल सरकार और चुनावी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल सोमवार को होने वाली दोनों पदयात्राओं के लिए भाजपा ने अपना कार्यक्रम घोषित कर दिया है। भागलपुर में सुबह 11 बजे और कोलकाता में दोपहर तीन बजे शुरू होने वाले आयोजनों में नितिन नवीन पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करेंगे। अब इन कार्यक्रमों में उनकी ओर से दिए जाने वाले राजनीतिक संदेश और विपक्ष की संभावित प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।