गया/पटना। बिहार में अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के बीच इंडिगो एयरलाइंस की पहली सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा का उद्घाटन किया। इस नई सेवा से बिहार और थाईलैंड के बीच यात्रा करना पहले से अधिक आसान होने की उम्मीद है। खास तौर पर बौद्ध तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है।गया और बोधगया का बौद्ध धर्म से गहरा संबंध है। यहां स्थित महाबोधि मंदिर दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। थाईलैंड सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों से श्रद्धालु बोधगया पहुंचते हैं। ऐसे में गया से बैंकॉक के बीच सीधी उड़ान शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है।
सप्ताह में दो दिन मिलेगी सीधी उड़ान की सुविधा
इंडिगो की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, गया-बैंकॉक मार्ग पर उड़ान सेवा सप्ताह में दो दिन, सोमवार और गुरुवार को संचालित होगी। इस मार्ग पर उड़ान संख्या 6E 1083 गया से बैंकॉक जाएगी, जबकि वापसी के लिए 6E 1084 का संचालन किया जाएगा।
उड़ानों का निर्धारित समय इस प्रकार है:
- गया से बैंकॉक: दोपहर 1:15 बजे प्रस्थान।
- बैंकॉक से गया: सुबह 10:15 बजे प्रस्थान।
- संचालन के दिन: सोमवार और गुरुवार।
ये समय संबंधित शहरों के स्थानीय समय के अनुसार हैं। टिकट और यात्रा से जुड़ी जानकारी इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत बुकिंग माध्यमों से प्राप्त की जा सकती है।
यात्रियों को मिलेगी समय और खर्च की बचत
अब तक गया से बैंकॉक जाने वाले कई यात्रियों को दूसरे शहरों से होकर यात्रा करनी पड़ती थी। सीधी उड़ान शुरू होने से दिल्ली या कोलकाता जैसे शहरों में कनेक्टिंग फ्लाइट लेने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रियों का यात्रा समय बच सकता है और लंबी यात्रा की परेशानी भी घट सकती है।इस सेवा से बिहार के उन यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी, जो धार्मिक यात्रा, पर्यटन, व्यापार या अन्य निजी कारणों से थाईलैंड जाना चाहते हैं। इसी तरह थाईलैंड और दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए भी गया पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा।
बौद्ध पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
गया और बोधगया बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र हैं। यहां स्थित महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। भगवान बुद्ध को बोधगया में ही ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस कारण थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार और अन्य बौद्ध बहुल देशों से यहां श्रद्धालु आते हैं।गया-बैंकॉक की सीधी उड़ान से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इससे होटल, गेस्ट हाउस, स्थानीय परिवहन, टूर ऑपरेटर और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले महीनों में इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या कितनी रहती है।
बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम पहल
नई अंतरराष्ट्रीय उड़ान केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बिहार की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क से विदेशी पर्यटकों के लिए राज्य तक पहुंचना आसान हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के अवसर पैदा हो सकते हैं।बिहार सरकार ने इस मार्ग पर विमान सेवा शुरू करने को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना के तहत सहायता को मंजूरी दी थी। मई 2026 में राज्य मंत्रिमंडल ने गया-बैंकॉक उड़ान के लिए 12 महीने की अवधि में अधिकतम 10.40 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी थी।कुल मिलाकर, गया और बैंकॉक के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान की शुरुआत बिहार की हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलने के साथ बोधगया के धार्मिक पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। अब इस सेवा की नियमितता और यात्रियों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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