बक्सर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वामन मंदिर में की पूजा जीविका दीदियों से किया संवाद
बक्सर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को बक्सर पहुंचे। वामन द्वादशी के अवसर पर उन्होंने सबसे पहले स्थानीय वामन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री सदर प्रखंड की चुरामनपुर पंचायत पहुंचे, जहां नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जीविका भवन का निरीक्षण किया और जीविका दीदियों से संवाद कर उनके कामकाज और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के साथ संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम ‘कहानी बदलाव की, बदलाव के साक्षी’ की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान जीविका से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह स्वयं सहायता समूहों तथा अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों पर चर्चा की।
सम्राट चौधरी ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाओं ने बिहार में आर्थिक गतिविधियों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों का योगदान लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री इससे पहले भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में कह चुके हैं कि बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियां करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये का योगदान कर रही हैं। राज्य सरकार के मुताबिक बिहार की 43 लाख जीविका दीदियां ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सरकारी सहायता तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर काम किया जा रहा है। जीविका के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर विभिन्न प्रकार के व्यवसाय और उत्पादन गतिविधियों से जुड़ रही हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाओं ने यह साबित किया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं बड़े आर्थिक बदलाव की भागीदार बन सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने, नए उत्पाद तैयार करने और बाजार से सीधे जुड़ने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। सरकार की ओर से भी महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार सरकार महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अगस्त में पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसी रोजगार गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को राज्य के विकास से जोड़ा था।
चुरामनपुर में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन परिसर का भी जायजा लिया। पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत सरकार भवन तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने परिसर में मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों से विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जीविका दीदियों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद रहा। अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी यात्रा और कामकाज के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम को ‘कहानी बदलाव की, बदलाव के साक्षी’ नाम देकर जीविका से महिलाओं के जीवन में आए सामाजिक और आर्थिक बदलाव को सामने रखने का प्रयास किया गया।
जीविका बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित करने और उन्हें आय के साधनों से जोड़ने का प्रमुख माध्यम बन चुकी है। महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, छोटे कारोबार और अन्य गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं। सरकार इन समूहों को वित्तीय सेवाओं और बाजार से जोड़ने पर भी जोर देती रही है।
महिला सशक्तिकरण को लेकर सम्राट चौधरी ने हाल के कार्यक्रमों में कई लक्ष्य सामने रखे हैं। बिहार सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य में पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है।
बक्सर दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री ने धार्मिक कार्यक्रम से की। वामन द्वादशी के पावन अवसर पर वामन मंदिर पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उनका कार्यक्रम विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों पर केंद्रित रहा। चुरामनपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के जरिए उन्होंने जीविका दीदियों से सीधे बातचीत की और उनके अनुभव सुने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार और समाज दोनों को मजबूत करती है। जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से उनकी आमदनी बढ़ने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है। सरकार का लक्ष्य इस व्यवस्था का विस्तार कर अधिक महिलाओं को इससे जोड़ना है।
बक्सर में मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहा। वामन मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद चुरामनपुर में जीविका दीदियों से संवाद के जरिए मुख्यमंत्री ने सरकार की महिला रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया। सरकार के सामने अब इन गतिविधियों का विस्तार कर अधिक महिलाओं को स्थायी आय और बाजार से जोड़ने का लक्ष्य है।