मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी पर कार्रवाई, तीन गिरफ्तार

Update: 2026-08-09 06:34 GMT

मुजफ्फरपुर। उत्पाद विभाग की टीम ने शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाते हुए जिले में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कार, पिकअप वैन और एक शौचालय से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। कार्रवाई में अंतरजिला शराब तस्करी से जुड़े एक धंधेबाज समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग की टीम ने बरामद शराब और वाहनों को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि जिले में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी की सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। टीम ने तीन जगहों पर छापेमारी की। इनमें सकरा थाना क्षेत्र का बाजी चौक भी शामिल है, जहां हरियाणा नंबर की एक पिकअप वैन से शराब की खेप बरामद की गई।

बाजी चौक के पास पिकअप से 10 कार्टन शराब

पहली कार्रवाई सकरा थाना क्षेत्र के बाजी चौक के समीप की गई। उत्पाद विभाग की टीम ने सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार के नेतृत्व में संदिग्ध पिकअप वैन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान हरियाणा नंबर की पिकअप वैन से अंग्रेजी शराब के 10 कार्टन बरामद किए गए।

शराब की खेप मिलने के बाद टीम ने वाहन में मौजूद दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी अजय कुमार और वैशाली निवासी मोहम्मद जियाउल के रूप में हुई।

उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों संदिग्ध शराब की खेप हरियाणा से लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। उनका कथित उद्देश्य यहां शराब की आपूर्ति करना था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने शराब की तस्करी और आपूर्ति को लेकर कई अहम जानकारी दी।

पूछताछ में कई बार आपूर्ति की बात

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले भी कई बार शराब की खेप लाकर आपूर्ति करने की बात स्वीकार की है। इससे आशंका जताई जा रही है कि शराब तस्करी का यह नेटवर्क केवल एक खेप तक सीमित नहीं था।

अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे राज्यों से शराब की खेप बिहार लाकर अलग-अलग इलाकों में उसकी आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस और उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद शराब किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

कार और शौचालय से भी शराब बरामद

उत्पाद विभाग की ओर से जिले में की गई अन्य कार्रवाई में एक कार और शौचालय से भी शराब की खेप बरामद होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान शराब को छिपाकर रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे स्थानों की भी जांच की गई। टीम को आशंका है कि तस्कर पुलिस और उत्पाद विभाग की नजर से बचने के लिए अलग-अलग तरीकों से शराब को छिपाकर रखते और उसकी आपूर्ति करते हैं।

शौचालय जैसे स्थान से शराब बरामद होना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि तस्करी में शामिल लोग शराब छिपाने के लिए सामान्य और कम संदिग्ध दिखने वाले स्थानों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में बरामद शराब की पूरी मात्रा और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

अंतरजिला नेटवर्क की जांच

उत्पाद विभाग की कार्रवाई में हरियाणा और बिहार के अलग-अलग जिलों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद अंतरजिला शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज होने की संभावना है। अधिकारियों को शक है कि शराब की खेप दूसरे राज्यों से बिहार पहुंचाने के बाद उसे अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है।

हरियाणा नंबर की पिकअप वैन से शराब बरामद होने के कारण जांच एजेंसियां वाहन के मालिक और उसके पूर्व इस्तेमाल की भी जानकारी जुटा सकती हैं। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से रवाना हुई थी और मुजफ्फरपुर में इसे किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

लगातार जारी रहेगा अभियान

उत्पाद विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीमें संदिग्ध वाहनों और शराब तस्करी से जुड़े ठिकानों पर निगरानी रख रही हैं। दूसरे राज्यों से बिहार में शराब लाने वाले नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, शराब की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ प्रमुख सड़कों और संभावित आपूर्ति मार्गों पर भी जांच की जा रही है। संदिग्ध वाहनों की तलाशी और सूचना के आधार पर छापेमारी की जा रही है।

मुजफ्फरपुर में एक ही अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों से शराब बरामद होने के बाद विभाग ने तस्करी से जुड़े नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और बरामद सामग्री के आधार पर आगे की जांच जारी है।

उत्पाद विभाग को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच से शराब की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई और तेज किए जाने की संभावना है।

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