पश्चिम चंपारण। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगल से बाहर निकले एक बाघ ने गुरुवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कर दिया। बकरी चराने गए 62 वर्षीय अकलू यादव पर अचानक हुए इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई। बाघ के हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन मौके पर मौजूद टाइगर ट्रैकर की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उनकी जान बच गई।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जंगल के आसपास जाने में सावधानी बरतने की अपील की है।
बकरी चराने के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, अकलू यादव रोज की तरह गुरुवार को बकरी चराने के लिए जंगल से सटे इलाके में गए थे। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बुजुर्ग संभल नहीं पाए और बाघ ने उन्हें घायल कर दिया।
बताया जा रहा है कि हमले के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन बाघ लगातार बुजुर्ग के करीब बना रहा।
टाइगर ट्रैकर की सक्रियता से टला बड़ा हादसा
घटना स्थल के पास तैनात टाइगर ट्रैकर ने स्थिति को तुरंत समझा और बाघ को पीछे हटाने के लिए प्रयास शुरू किए। ट्रैकर की मौजूदगी और सतर्कता के कारण बाघ वहां से पीछे हट गया, जिससे अकलू यादव की जान बच सकी।
वन विभाग के अधिकारियों ने टाइगर ट्रैकर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि जंगल क्षेत्र में निगरानी के लिए तैनात कर्मचारियों की सतर्कता कई बार मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान बड़ा नुकसान होने से बचा लेती है।
घायल बुजुर्ग को कराया गया इलाज
बाघ के हमले में घायल अकलू यादव को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। उनकी हालत पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन नजर बनाए हुए हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की।
इलाके में बढ़ी दहशत
वीटीआर से सटे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। बाघ और अन्य जंगली जानवरों के जंगल से बाहर आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को अक्सर अपने दैनिक कामों के लिए बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी चाहिए।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग ग्रामीणों को लगातार जागरूक कर रहा है कि वे अकेले जंगल या जंगल से सटे इलाकों में जाने से बचें। खासकर सुबह और शाम के समय अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान वन्यजीवों की सक्रियता अधिक रहती है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बड़ी चुनौती
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैसे वन क्षेत्रों के आसपास मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं। जंगलों के आसपास बसे गांवों में लोगों और वन्यजीवों का आमना-सामना कई बार खतरनाक स्थिति पैदा कर देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को कम करने के लिए वन क्षेत्रों की निगरानी, ग्रामीणों में जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था बेहद जरूरी है।
फिलहाल अकलू यादव के इलाज के साथ-साथ वन विभाग बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तुरंत विभाग को दें।