पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने सोमवार को राहत राशि जारी की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,60,201 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में कुल 112.14 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को 7,000 रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक बाढ़ प्रभावित कुल 10,37,391 परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इन परिवारों को कुल 726.17 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की गई है।बाढ़ के कारण परेशान परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने सीधे बैंक खातों में राशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था अपनाई है। इससे लाभार्थियों को राहत राशि प्राप्त करने के लिए अलग से नकद वितरण प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। मुख्यमंत्री ने इससे पहले 6 अक्टूबर को राज्य में बाढ़ की स्थिति और नुकसान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट जल्द सौंपने का निर्देश दिया था।
दूसरे चरण में जारी की गई राहत राशि
सोमवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि जारी की। यह राहत वितरण का दूसरा चरण है। सरकार का उद्देश्य पहले चरण में सहायता से वंचित रह गए पात्र परिवारों तक भी आर्थिक मदद पहुंचाना है।मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित परिवारों की सूची की दोबारा समीक्षा करें। यदि कोई पात्र परिवार अब तक सहायता राशि से वंचित है, तो उसकी पहचान कर जल्द आवश्यक विवरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत वितरण में कोई भी पात्र परिवार छूटना नहीं चाहिए।
अब तक 10 लाख से ज्यादा परिवारों को सहायता
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 10,37,391 बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा चुकी है। इनके खातों में कुल 726.17 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।सोमवार को जारी 112.14 करोड़ रुपये इसी कुल राशि का हिस्सा हैं। सरकार चरणबद्ध तरीके से राहत वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों तक आर्थिक मदद पहुंचाई जा सके।प्रत्येक पात्र परिवार के लिए 7,000 रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। यह राशि तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद के उद्देश्य से दी जा रही है।
6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने की थी समीक्षा
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 अक्टूबर को राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे हुए नुकसान की समीक्षा की थी। बैठक के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों की स्थिति का आकलन करने और नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।समीक्षा के दौरान राहत वितरण की तैयारियों पर भी ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने 12 अक्टूबर को प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही थी। सोमवार को उसी क्रम में राशि हस्तांतरित की गई।
14 अक्टूबर को किसानों को मिलेगी सहायता
बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए भी सरकार ने राहत देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 अक्टूबर को किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान की राशि जारी की जाएगी।बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान के आधार पर पात्र किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहायता परिवारों को दी जा रही 7,000 रुपये की तत्काल राहत राशि से अलग है।कृषि इनपुट अनुदान का उद्देश्य फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देना है। इसके वितरण में पात्रता और नुकसान के आकलन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
दीपावली से पहले सड़क और बिजली बहाल करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर विशेष ध्यान देने को कहा है।उन्होंने निर्देश दिया कि दीपावली से पहले प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। इससे त्योहार के दौरान अपने घर लौटने वाले लोगों को परेशानी न हो।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त आधारभूत ढांचे की मरम्मत महत्वपूर्ण है। सरकार ने जिला प्रशासन को इन कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी विचार
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक उपायों पर विचार करने की बात भी कही है।बिहार में बाढ़ से हर वर्ष अनेक परिवारों की आजीविका, खेती और आवागमन प्रभावित होते हैं। ऐसे में तत्काल राहत के साथ भविष्य में नुकसान कम करने के उपाय भी आवश्यक हैं।सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास और आधारभूत सुविधाओं की बहाली से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
डीबीटी के जरिए सीधे खातों में पहुंची राशि
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था के माध्यम से सरकार लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजती है।इस प्रणाली का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना और लाभार्थियों तक निर्धारित राशि पहुंचाना है।सोमवार को 1,60,201 परिवारों के खातों में 7,000 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से कुल लगभग 112.14 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए।सरकार ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे राहत से वंचित पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करें, ताकि सहायता वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
राहत कार्यों की निगरानी पर जोर
बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ सरकार अब नुकसान के विस्तृत आकलन और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को राहत वितरण में पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने, किसानों की सहायता की तैयारी करने और क्षतिग्रस्त सुविधाओं को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।सोमवार को जारी 112.14 करोड़ रुपये के बाद राज्य में कुल राहत वितरण 726.17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब 14 अक्टूबर को प्रस्तावित कृषि इनपुट अनुदान और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्बहाली के कार्यों पर नजर रहेगी।