बारिश के बीच भरभराकर गिरा पुराना बरगद, तीन स्कूली बच्चों की मौत; गांव में पसरा मातम
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकबेदौलिया गांव में गुरुवार को बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। गांव में अचानक एक पुराना बरगद का पेड़ भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान चकबेदौलिया गांव में काफी पुराना बरगद का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ गिरने की चपेट में तीन बच्चे आ गए। देखते ही देखते तीनों बच्चे पेड़ और उसके मलबे के नीचे दब गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों के अनुसार, पेड़ काफी पुराना था। बारिश के दौरान अचानक उसके गिरने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। पेड़ गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को बचाने के लिए दौड़ लगाई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
अचानक हुआ हादसा
घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकबेदौलिया गांव की बताई जा रही है। लगातार बारिश के बीच अचानक पुराना बरगद का पेड़ गिरने से यह हादसा हुआ। जिस समय पेड़ गिरा, उस समय तीन बच्चे उसकी चपेट में आ गए। भारी पेड़ के नीचे दबने के कारण बच्चों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा।
पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां का दृश्य देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। पेड़ के नीचे बच्चों के दबे होने की जानकारी मिलते ही लोग उन्हें निकालने में जुट गए। हादसे के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी तेजी से पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चों की मौत की खबर सुनकर उनके परिवारों में कोहराम मच गया। जिन घरों के बच्चे इस हादसे का शिकार हुए, वहां चीख-पुकार मच गई।
तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम
हादसे में तीन स्कूली बच्चों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद चकबेदौलिया गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग भी पीड़ित परिवारों के घर पहुंचने लगे।
ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि बारिश के दौरान पुराने और कमजोर पेड़ों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गांव में मौजूद पुराने पेड़ों की स्थिति को लेकर भी अब लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से पेड़ की स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
बारिश के दौरान बढ़ा पेड़ गिरने का खतरा
लगातार बारिश के दौरान पुराने पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। लंबे समय से खड़े पेड़ों की जड़ें कमजोर होने या मिट्टी के नरम पड़ने की स्थिति में उनके गिरने की आशंका रहती है। ऐसे में बारिश के मौसम में पुराने और जर्जर पेड़ों की पहचान कर उनकी स्थिति की जांच करना जरूरी माना जाता है।
चकबेदौलिया में हुआ हादसा इसी तरह की स्थिति में सामने आया है। हालांकि पेड़ अचानक क्यों गिरा, इसकी विस्तृत वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, पेड़ काफी पुराना था और लगातार बारिश के दौरान अचानक भरभराकर जमीन पर आ गिरा।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की गतिविधियां शुरू की गईं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को मलबे से निकालने का प्रयास किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
तीन बच्चों की मौत की खबर से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिन बच्चों के परिवार सुबह तक सामान्य दिन की शुरुआत कर रहे थे, उन्हें अचानक इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिली। घटना के बाद परिजनों की स्थिति बेहद भावुक हो गई।
गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल और पीड़ित परिवारों के आसपास मौजूद रहे। बच्चों की मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल बना हुआ है।