बिहार में दो नए औद्योगिक पार्कों की तैयारी

Update: 2026-08-03 04:10 GMT

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य में दो नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए उद्योग विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव के तहत मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिले में कुल 1050 एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना है। इन औद्योगिक पार्कों में निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को प्राथमिकता दिए जाने की तैयारी है।

राज्य सरकार इन औद्योगिक पार्कों को भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्या) के तहत विकसित करना चाहती है। उद्योग विभाग की ओर से भव्या योजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार को शुक्रवार को दोनों प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिहार में औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।

योजना के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के पारू क्षेत्र में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा, जबकि दरभंगा जिले में 350 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने दोनों स्थानों के लिए आवश्यक जमीन की पहचान कर ली है। अब केंद्र सरकार से प्रस्ताव की मंजूरी का इंतजार है।

उद्योग विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से औद्योगिक पार्क के विकास के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस हिसाब से दोनों औद्योगिक पार्कों के लिए कुल 1050 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। इस राशि का उपयोग पार्क के अंदर सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज, कॉमन सुविधाएं और अन्य जरूरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में किया जाएगा।

इसके अलावा औद्योगिक पार्कों की बाहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त सहयोग बाहरी संपर्क व्यवस्था विकसित करने के लिए मिल सकता है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्य सड़कों, रेलवे नेटवर्क और अन्य परिवहन सुविधाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि नए औद्योगिक पार्कों के निर्माण से बिहार में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर निर्माण क्षेत्र की कंपनियों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर पहले से ही उद्योग और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यहां कृषि आधारित उद्योगों के साथ-साथ अन्य व्यवसायिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं। पारू में औद्योगिक पार्क बनने से आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

वहीं, दरभंगा में औद्योगिक पार्क विकसित होने से मिथिलांचल क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। दरभंगा और आसपास के जिलों में उद्योगों के विस्तार की लंबे समय से मांग उठती रही है। नए औद्योगिक पार्क से इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिल सकता है और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

उद्योग विभाग का लक्ष्य बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और राज्य को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार लगातार नई औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है। नए औद्योगिक पार्क इसी रणनीति का हिस्सा हैं।

अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जमीन विकास, आधारभूत संरचना निर्माण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी। इसके बाद उद्योगों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पार्क में निवेश करने वाली कंपनियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे उन्हें उत्पादन इकाइयां स्थापित करने में आसानी होगी।

औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार जैसे राज्य में बड़े औद्योगिक पार्कों का विकास रोजगार और निवेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाता है तो राज्य में विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिल सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा।

राज्य सरकार ने इससे पहले भी विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। अब मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों से राज्य के औद्योगिक नक्शे में नए केंद्र जुड़ने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद बिहार में 1050 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक पार्क विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन परियोजनाओं को राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसरों के रूप में देखा जा रहा है।

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