दुर्गा पूजा पंडाल के पास ताबड़तोड़ फायरिंग, प्रसाद बांट रहे युवक को मारी गोली
पटना। बिहार की राजधानी पटना में महानवमी के अवसर पर सोमवार देर रात दुर्गा पूजा पंडाल के पास हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में पिलर नंबर-33 के पास पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट और गोलीबारी में बदल गया। इस दौरान पूजा पंडाल के पास श्रद्धालुओं को प्रसाद बांट रहे 35 वर्षीय विजय चौरसिया गोली लगने से घायल हो गए। गोली विजय की बांह में लगी है। घटना के दौरान करीब चार राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। गोलियों की आवाज सुनकर पंडाल के आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में वारदात के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है।
पूजा पंडाल में प्रसाद बांट रहे थे विजय चौरसिया
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार, 19 अक्टूबर की देर रात हुई। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के पिलर नंबर-33 के पास दुर्गा पूजा महोत्सव युवा संघ की ओर से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
महानवमी के अवसर पर पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई थी। इस दौरान विजय चौरसिया अन्य लोगों के साथ प्रसाद वितरण में लगे हुए थे।
घायल विजय ने पुलिस को बताया कि वह पूजा पंडाल के पास प्रसाद बांट रहे थे। इसी दौरान मोहल्ले का धर्मेंद्र दास अपने चार-पांच साथियों के साथ वहां पहुंचा।
विजय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी। इसके बाद गोली चलने की घटना सामने आई।
हाथापाई के बाद पिस्तौल से चलाई गोली
घायल विजय चौरसिया ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान हमलावर ने पिस्तौल निकालकर फायरिंग कर दी।
इस दौरान एक गोली विजय की बांह में लगी। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़े।
बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर करीब चार राउंड गोलियां चलाई गईं। हालांकि, फायरिंग की पूरी परिस्थितियों और गोली चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है।
अचानक गोलियों की आवाज सुनकर पूजा पंडाल में मौजूद लोग घबरा गए। आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।
धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। कुछ देर पहले तक जहां पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण चल रहा था, वहां अचानक अफरातफरी का माहौल बन गया।
गोली लगने से घायल युवक अस्पताल में भर्ती
गोलीबारी की घटना के बाद घायल विजय चौरसिया को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, गोली उनकी बांह में लगी है और फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
घायल युवक के अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस ने उससे घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
विजय ने अपने बयान में धर्मेंद्र दास और उसके साथ पहुंचे लोगों पर विवाद करने तथा हमला करने का आरोप लगाया है।
पुलिस अब घायल युवक के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि विजय चौरसिया और दूसरे पक्ष के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद था। सोमवार रात पूजा पंडाल के पास आमना-सामना होने के बाद यह विवाद दोबारा बढ़ गया।
हालांकि, दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश किस बात को लेकर थी, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किस परिस्थिति में हथियार का इस्तेमाल किया गया।
घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मौके पर पहुंची एयरपोर्ट थाना पुलिस
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने घायल विजय चौरसिया का बयान दर्ज करने के साथ आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की है।
जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गोली किसने चलाई और घटना में कितने लोग शामिल थे।
इसके अलावा पुलिस फायरिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य साक्ष्यों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
मंगलवार को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उनकी संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धार्मिक आयोजन के दौरान फायरिंग से दहशत
महानवमी के अवसर पर दुर्गा पूजा पंडाल के पास हुई गोलीबारी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
नवरात्रि के दौरान राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान, आरती और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ऐसे में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के दौरान गोलीबारी होना गंभीर घटना है।
इस प्रकार की वारदात से न केवल संबंधित व्यक्तियों की जान को खतरा होता है, बल्कि आसपास मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय स्तर पर घटना के बाद लोगों में चिंता बनी हुई है।
चार राउंड फायरिंग की बात आई सामने
घटना के दौरान करीब चार राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि वास्तव में कितनी गोलियां चलाई गईं और वारदात में किस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल हुआ।
जांच के दौरान घटनास्थल से मिलने वाले भौतिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गोलीबारी अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से कोई आपराधिक योजना थी।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
आरोपियों की तलाश और जांच जारी
घायल विजय चौरसिया के बयान के आधार पर पुलिस मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि धर्मेंद्र दास के साथ घटनास्थल पर पहुंचे लोगों में किसकी क्या भूमिका थी।
साथ ही पुरानी रंजिश से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल घायल युवक का उपचार जारी है और उसकी हालत सामान्य बताई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
पटना में महानवमी के दिन हुई इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है।
विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों में किसी भी प्रकार का विवाद बड़ी घटना का रूप ले सकता है।
ऐसे स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों को रोकना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
फिलहाल एयरपोर्ट थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस घायल युवक के आरोपों, पुरानी रंजिश और फायरिंग की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
आने वाले दिनों में जांच के आधार पर स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।