मुंगेर: घर-गृहस्थी संभालने वाली सरिता देवी ने आर्थिक संकट के बीच कपड़ों का कारोबार शुरू कर परिवार को नया सहारा दिया। हवेली खड़गपुर प्रखंड की बैजलपुर पंचायत के परसडों गांव निवासी सरिता ने जीविका से प्रशिक्षण और 10 हजार रुपये का शुरुआती ऋण लेकर काम शुरू किया।
उनके पति योगेंद्र चौधरी का पारंपरिक रोजगार बंद होने से छह सदस्यों वाले परिवार के सामने आर्थिक परेशानी आ गई थी। चार बच्चों की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी के बीच सरिता ने स्वरोजगार अपनाया। वह भागलपुर की थोक मंडी से रेडीमेड कपड़े और साड़ियां लाईं और घर से बिक्री शुरू की।
ग्राहक बढ़ने के साथ कारोबार आगे बढ़ा। इसके बाद उन्होंने किस्तों पर ई-रिक्शा खरीदा। उनके पति आसपास के गांवों और बाजारों में इसी वाहन से कपड़ों की फेरी लगाने लगे। पति-पत्नी के साझा प्रयास से बिक्री का दायरा बढ़ा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी।
कारोबार की कमाई से सरिता अपनी दोनों बेटियों की शादी कर चुकी हैं और बेटों को उच्च शिक्षा दिला रही हैं। अब वह आसपास की महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।