छत्तीसगढ़ के 1535 अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, मिलेगा 6 महीने का मानदेय
18.42 करोड़ रुपये जारी
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 18 करोड़ 42 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि से प्रदेश के 25 जिलों में कार्यरत कुल 1,535 अतिथि शिक्षकों को छह महीने का मानदेय दिया जाना है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में 18 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक, प्रत्येक अतिथि शिक्षक का मासिक मानदेय 20 हजार रुपये निर्धारित है। इस तरह छह महीने के लिए प्रत्येक शिक्षक को कुल 1 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है। विभाग ने जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की संख्या के आधार पर राशि आवंटित की है।
एक शिक्षक को मिलेंगे 1 लाख 20 हजार रुपये
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रावधान के अनुसार, अतिथि शिक्षकों का मासिक मानदेय 20 हजार रुपये है। छह महीने की अवधि के लिए यह राशि 1 लाख 20 हजार रुपये होती है। प्रदेश में कुल 1,535 अतिथि शिक्षकों के लिए इसी दर से बजट निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग संबंधित शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए किया जाएगा। हालांकि, बजट आवंटन और शिक्षकों के बैंक खातों में वास्तविक भुगतान अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। आदेश जारी होने से भुगतान के लिए धन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन सभी शिक्षकों के खातों में राशि पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
बलरामपुर जिले को सबसे ज्यादा 2.64 करोड़ रुपये
जिलावार आवंटन में बलरामपुर सबसे आगे है। जिले में 220 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिनके छह महीने के मानदेय के लिए 2 करोड़ 64 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके बाद कोंडागांव जिले में 141 शिक्षकों के लिए 1 करोड़ 69 लाख 20 हजार रुपये और बस्तर जिले में 133 शिक्षकों के लिए 1 करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। सूरजपुर में 130 शिक्षकों के लिए 1 करोड़ 56 लाख रुपये तथा कांकेर जिले में 126 अतिथि शिक्षकों के लिए 1 करोड़ 51 लाख 20 हजार रुपये की राशि दी गई है। सरगुजा जिले के 71 अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए 85 लाख 20 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
जानिए किस जिले को कितनी राशि मिली
जिला अतिथि शिक्षक छह महीने का बजट
बलरामपुर 220 ₹2.64 करोड़
कोंडागांव 141 ₹1.692 करोड़
बस्तर 133 ₹1.596 करोड़
सूरजपुर 130 ₹1.56 करोड़
कांकेर 126 ₹1.512 करोड़
सरगुजा 71 ₹85.20 लाख
सुकमा 48 ₹57.60 लाख
बीजापुर 48 ₹57.60 लाख
नारायणपुर 36 ₹43.20 लाख
दंतेवाड़ा 31 ₹37.20 लाख
यह 25 जिलों में से उपलब्ध 10 जिलों का विवरण है। शेष 15 जिलों को भी कुल आवंटन में शामिल किया गया है।
बस्तर संभाग के सभी सात जिलों को लाभ
राज्य सरकार के आवंटन में बस्तर संभाग के सातों जिलों को शामिल किया गया है। इनमें बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर शामिल हैं। इन जिलों में कार्यरत कुल 563 अतिथि शिक्षकों के छह महीने के मानदेय के लिए 6 करोड़ 75 लाख 60 हजार रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। बस्तर संभाग के भीतर सबसे अधिक राशि कोंडागांव जिले को मिली है। इसके बाद बस्तर और कांकेर जिले हैं। इन जिलों के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहयोग करते हैं। इनके मानदेय भुगतान के लिए राशि उपलब्ध होने से संबंधित जिलों में भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
जिलों में शिक्षकों की संख्या के हिसाब से आवंटन
लोक शिक्षण संचालनालय ने बजट वितरण में प्रत्येक जिले में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की संख्या को आधार बनाया है। जिन जिलों में अतिथि शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां अधिक राशि जारी की गई है। इसी वजह से बलरामपुर, कोंडागांव, बस्तर, सूरजपुर और कांकेर जैसे जिलों को अपेक्षाकृत ज्यादा बजट मिला है। हर पात्र शिक्षक के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छह महीने का प्रावधान किया गया है। विभागीय आदेश से स्पष्ट है कि आवंटित राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मानदेय भुगतान के उद्देश्य से जारी की गई है।
सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करते हैं। विशेष रूप से उन विद्यालयों में, जहां नियमित शिक्षकों की उपलब्धता कम होती है, अतिथि शिक्षकों की सेवाएं विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण होती हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता तथा शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण विषय है। बस्तर, सरगुजा और अन्य जिलों के अनेक विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं।
मानदेय भुगतान की प्रक्रिया होगी आगे
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आवंटन जारी किए जाने के बाद संबंधित जिलों में मानदेय भुगतान की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। जिला स्तर पर आवश्यक अभिलेखों, कार्यरत शिक्षकों की संख्या और अन्य विभागीय औपचारिकताओं के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। जिन शिक्षकों को राशि का इंतजार है, वे अपने संबंधित जिला शिक्षा कार्यालय से भुगतान की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। फिलहाल शासन के आदेश से 1,535 अतिथि शिक्षकों के छह महीने के मानदेय के लिए बजट उपलब्ध होने की पुष्टि होती है।
अतिथि शिक्षकों के लिए क्या है इस फैसले का महत्व?
छह महीने के मानदेय के लिए एकमुश्त बजट आवंटित होने से विभाग के पास संबंधित शिक्षकों के भुगतान के लिए वित्तीय प्रावधान उपलब्ध हो गया है। यह राशि प्रदेश के 25 जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए निर्धारित की गई है। हालांकि, शिक्षकों को भुगतान कब तक मिलेगा, इस संबंध में सभी जिलों के लिए किसी एक निश्चित तारीख की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अब संबंधित शिक्षकों की नजर जिला स्तर पर पूरी होने वाली भुगतान प्रक्रिया पर रहेगी। 18 सितंबर को जारी आदेश के तहत 18 करोड़ 42 लाख रुपये का आवंटन छत्तीसगढ़ के अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है।