घुनघुट्टा नदी में नहाने गया 10 वर्षीय बालक डूबा, 300 मीटर दूर मिली लाश
छग
Surajpur. सूरजपुर। जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में बारिश के दौरान उफनाई घुनघुट्टा नदी में नहाने गए 10 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम नदी के तेज बहाव में बहा मासूम रविवार सुबह घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर रेण नदी और घुनघुट्टा नदी के संगम के पास मृत अवस्था में मिला। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कुंजनगर निवासी योगेंद्र राजवाड़े उम्र 10 वर्ष, पिता देवधन राजवाड़े शनिवार शाम अपने घर से साइकिल लेकर निकला था। बताया जा रहा है कि वह अपने दो दोस्तों के साथ घूमते-घूमते ग्राम पंचायत हर्राटिकरा और कोरेया के बीच स्थित घुनघुट्टा नदी के पास पहुंच गया। वहां उसने अपनी साइकिल खड़ी की और नदी में नहाने के लिए उतर गया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था।
नदी में पानी का बहाव भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज था। इसी दौरान योगेंद्र ने जैसे ही नदी में छलांग लगाई, वह तेज धारा की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बालक ने खुद को बचाने और बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह संभल नहीं पाया और देखते ही देखते पानी में बह गया। घटना को देखकर उसके साथ मौजूद दोनों दोस्त घबरा गए और तत्काल गांव पहुंचकर इसकी जानकारी परिजनों को दी। बच्चे के नदी में बहने की सूचना मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद जयनगर थाना पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बालक की तलाश शुरू की गई। शनिवार रात तक नदी में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका। रविवार सुबह पुलिस और ग्रामीणों ने दोबारा खोज अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर रेण नदी और घुनघुट्टा नदी के संगम क्षेत्र में योगेंद्र का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक की लहर फैल गई।
ग्रामीणों ने बताया कि योगेंद्र परिवार का होनहार बच्चा था। अचानक हुई इस दुखद घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमानुसार शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील करता है। खासकर बच्चों को तेज बहाव वाले नदी-नालों से दूर रखने की सलाह दी जाती है। बावजूद इसके कई बार जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आ जाती हैं। सूरजपुर की इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दिनों में नदी-नालों के पास जाने के खतरे को सामने ला दिया है। प्रशासन और पुलिस द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वे बारिश के समय उफनती नदियों और जलस्रोतों में जाने से बचें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।