बिलासपुर में डिमेट खाते से 44.35 लाख की ठगी, FIR दर्ज

छग

Update: 2026-07-08 18:01 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अज्ञात आरोपी ने डिमेट खाते से जुड़ी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर करीब 44.35 लाख रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश में धोखाधड़ी कर दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद तारबाहर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, क्रांति नगर निवासी रत्नेश दुबे (47) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि उनके माता-पिता शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के बिलासपुर स्थित नारायण प्लाजा कार्यालय में दो डिमेट खाते संचालित थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिना अनुमति के दोनों डिमेट खातों से जुड़ी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर में बदलाव कर दिया। इसके बाद आरोपी ने खाते से जुड़े शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश को दूसरे माध्यमों में ट्रांसफर कर दिया। परिवार को इसकी जानकारी काफी समय बाद हुई। रत्नेश दुबे के अनुसार, जब उन्होंने कंपनी से संपर्क कर खातों की जानकारी मांगी तो पता चला कि एक डिमेट खाते का बैलेंस शून्य दिखा रहा है। वहीं, दूसरे खाते की पूरी जानकारी कंपनी की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू की।
शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को वेंचुरा सिक्योरिटीज से लगभग 31.25 लाख रुपये मूल्य के शेयर और अन्य निवेश सहित कुल करीब 44.35 लाख रुपये की प्रतिभूतियां एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के माध्यम से ट्रांसफर कर दी गईं। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी खाताधारकों को नहीं दी गई। रत्नेश दुबे ने पुलिस को बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जनवरी में ही एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के बिलासपुर और रायपुर कार्यालयों से संपर्क किया था। उन्होंने ई-मेल के माध्यम से शिकायत भी भेजी, लेकिन लंबे समय तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया।
तारबाहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि डिमेट खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी किस तरह बदले गए। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शेयर और म्यूचुअल फंड की राशि या प्रतिभूतियां किन खातों में ट्रांसफर की गईं और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन की जानकारी और संबंधित कंपनियों से मिले दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। यह मामला निवेशकों के लिए भी एक चेतावनी है कि डिमेट खाते, बैंक खाते और निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित कंपनी और पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
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