Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपावली से पहले प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के बाद सातवें वेतनमान के तहत वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। नई दरें 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 5 लाख 35 हजार कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलेगा।



1 नवंबर से लागू होगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सातवें वेतनमान के अंतर्गत वेतन प्राप्त करने वाले शासकीय कर्मचारियों को नवंबर 2026 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। अब तक कर्मचारियों को मूल वेतन का 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत में भी दो प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस निर्णय को दीपावली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
3.85 लाख कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को फायदा
राज्य सरकार के मुताबिक, इस निर्णय का लाभ प्रदेश के लगभग 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को मिलेगा। इस तरह कुल 5 लाख 35 हजार लोगों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ प्राप्त होगा। महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में वृद्धि के कारण सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी पड़ेगा। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस फैसले से राज्य के खजाने पर लगभग 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह और 432 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त भार आएगा।


 



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कही बड़ी बात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फैसले को कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि से कर्मचारियों तथा पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही उनके परिवारों के त्योहार की खुशियों में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
मूल वेतन के आधार पर होगी DA की गणना
वित्त विभाग के आदेश में महंगाई भत्ते की गणना को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना उनके मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इस गणना में विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ते की किसी भी राशि को मूलभूत नियम 9(21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। इसका अर्थ है कि महंगाई भत्ता मूल वेतन से अलग देय होगा और उसकी गणना निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी।
कर्मचारियों की सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी?
महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि से कर्मचारियों की मासिक आय में उनके मूल वेतन के अनुसार बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है, तो उसे प्रतिमाह 600 रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। इसी तरह 40 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 800 रुपये और 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ोतरी केवल महंगाई भत्ते की है। वास्तविक वेतन भुगतान में अन्य भत्तों, कटौतियों और लागू नियमों के अनुसार अंतर हो सकता है।
50 पैसे से अधिक की राशि अगले रुपये में जुड़ेगी
वित्त विभाग ने महंगाई भत्ते के भुगतान में राशि को पूर्ण रुपये में बदलने का नियम भी स्पष्ट किया है। यदि गणना के दौरान 50 पैसे या उससे अधिक की राशि बनती है, तो उसे अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा। वहीं 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य महंगाई भत्ते के भुगतान में एकरूपता बनाए रखना है।
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