रेल यात्रा में सतर्कता जरूरी: बैग से 2.74 लाख के आभूषण चोरी, जांच में जुटी पुलिस
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से गुजरने वाली टिटलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। शादी समारोह से लौट रहे एक परिवार के बैग से लाखों रुपए के सोने के जेवर चोरी हो गए। पीड़ित परिवार को चोरी की जानकारी रायगढ़ पहुंचने के बाद घर में बैग खोलने पर हुई। मामले की शिकायत के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रायगढ़ के गांधीनगर केलो विहार निवासी 41 वर्षीय यज्ञनारायण सोनी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कोतमा में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। शादी कार्यक्रम के बाद परिवार रिश्तेदारी में रुका और फिर वापस रायगढ़ लौट रहा था। पीड़ित ने जीआरपी को बताया कि शनिवार रात वे चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस से बिलासपुर पहुंचे थे। इसके बाद रविवार सुबह करीब 6 बजे परिवार बिलासपुर रेलवे स्टेशन से टिटलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। सफर के दौरान उन्होंने अपने दो ट्रॉली बैग सीट के पास रखे थे।
जयरामनगर स्टेशन के पास दिखे संदिग्ध युवक
यज्ञनारायण सोनी के मुताबिक, सफर के दौरान उन्हें नींद लग गई थी। इसी बीच जयरामनगर स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि तीन अज्ञात युवक उनके ट्रॉली बैग के आसपास बैठे हुए थे। कुछ समय बाद ट्रेन नैला स्टेशन पहुंची, जहां तीनों युवक दिखाई नहीं दिए। उस समय बैग अपनी जगह पर रखा हुआ था, इसलिए परिवार को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। इसके बाद वे ट्रेन से रायगढ़ पहुंचे और अपने घर चले गए।
घर पहुंचने पर पता चला चोरी का मामला
घर पहुंचने के बाद दोपहर के समय जब परिवार ने ट्रॉली बैग खोला तो उसमें रखा जेवरों का बॉक्स गायब मिला। बॉक्स में सोने का हार, मंगलसूत्र, बिंदिया सहित अन्य आभूषण रखे हुए थे। परिवार के अनुसार चोरी हुए जेवरों की कुल कीमत करीब 2 लाख 74 हजार रुपए है। इसके बाद यज्ञनारायण सोनी ने मामले की शिकायत रायगढ़ जीआरपी थाने में दर्ज कराई। उन्होंने बैग के आसपास बैठे तीन संदिग्ध युवकों पर चोरी की आशंका जताई है।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच
जीआरपी ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305(सी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रेन के अंदर और रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। इसके अलावा संदिग्धों की पहचान के लिए अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का प्रयास किया जा रहा है।