Bilaspur. बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के मोपका बायपास स्थित रमतला मोड़ के पास शुक्रवार रात चार बदमाशों ने गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक और उनके दोस्त से चाकू की नोक पर लूटपाट की। आरोपियों ने दोनों को डराकर मोबाइल फोन और नकदी समेत कुल करीब 16 हजार 730 रुपये का सामान लूट लिया। घटना के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने पर कोनी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सेंदरी स्थित महामाया रेसीडेंसी निवासी बसंत कुमार मैहर (54) गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं। शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे वे अपने दोस्त सुजीत कुमार ठाकुर के साथ मोटरसाइकिल से घूमने निकले थे। दोनों मोपका बायपास की ओर जा रहे थे। रास्ते में वे रास्ता भटक गए। बताया गया कि रास्ते में दो युवकों ने उनकी बाइक को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन बसंत कुमार और उनके दोस्त वहां नहीं रुके और आगे बढ़ गए। इसके बाद वे रमतला मोड़ के पास पहुंचे। वहां उन्होंने चार युवकों को देखकर उनसे बिरकोना जाने का रास्ता पूछा।
आरोप है कि रास्ता पूछने के दौरान चारों युवकों ने अचानक दोनों को घेर लिया। बदमाशों ने पहले सहायक प्राध्यापक के दोस्त सुजीत कुमार ठाकुर को बाइक से खींचकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू निकालकर दोनों को धमकाना शुरू कर दिया। चाकू दिखाकर डराने के बाद आरोपियों ने सुजीत कुमार की जेब की तलाशी ली और उनका की-पैड मोबाइल फोन तथा 200 रुपये नकद लूट लिए। इसके बाद बदमाशों ने बसंत कुमार मैहर को भी चाकू की नोक पर ले लिया।
आरोपियों ने सहायक प्राध्यापक से करीब 15 हजार रुपये कीमत का सैमसंग मोबाइल फोन और 30 रुपये नकद छीन लिया। इस तरह दोनों से मोबाइल और नकदी समेत कुल 16 हजार 730 रुपये का सामान लूट लिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ितों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर कोनी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने लूट के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस अब वारदात में शामिल चारों आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। घटनास्थल के आसपास के इलाकों और गांवों में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय आरोपी वहां किस उद्देश्य से मौजूद थे और क्या वे पहले से राहगीरों को निशाना बना रहे थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते की जानकारी मिल सके। पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर उनकी तलाश कर रही है। घटना के बाद मोपका बायपास और रमतला मोड़ क्षेत्र में रात के समय सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राहगीरों का कहना है कि सुनसान रास्तों पर इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग भी की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। चारों बदमाशों के पकड़े जाने के बाद ही लूट की वारदात में उनकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।