CG BREAKING: खेत में काम कर रहे 6 किसानों की बिजली गिरने से मौत, 5 घायल
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Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के बीच आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में छह किसानों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों हादसों में किसान बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आसमानी बिजली गिरी और कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पहली घटना मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कोयला क्षेत्र चिरमिरी अंतर्गत खड़गवां इलाके की बताई जा रही है। यहां शिवपुर और मंगोरा गांव में किसान खेतों में रोपाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के बावजूद किसान खेतों में काम करते रहे। इसी बीच तेज आवाज के साथ आसमानी बिजली खेत में गिरी, जिसकी चपेट में कई किसान आ गए।
आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं जांच की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृत किसानों की पहचान कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एक साथ तीन ग्रामीणों की मौत से शिवपुर और मंगोरा गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिवारों में दुख का माहौल है और परिजन सदमे में हैं।
वहीं दूसरी घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में हुई। यहां भी खेत में काम कर रहे किसानों पर आसमानी बिजली कहर बनकर गिरी। घटना सलोरा छुरी गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम गांव के करीब 25 से 30 ग्रामीण खेतों में रोज की तरह काम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब होने लगा और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच भी किसान खेतों में काम करते रहे। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और तीन किसान इसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरने के बाद तीनों किसान गंभीर रूप से झुलसकर खेत में गिर पड़े।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग और किसानों के परिजन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घायल किसानों को बचाने का प्रयास किया और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने तीनों किसानों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान बहुरंन पाटले, लक्ष्मी चंद पटेल और श्याम साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर पुलिस घटना की जांच कर रही है।
मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और ग्रामीण अक्सर इसकी चपेट में आ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जाती है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। बिजली चमकने और तेज गर्जना के समय खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। सुरक्षित स्थानों पर रहकर ही मौसम सामान्य होने का इंतजार करें। छत्तीसगढ़ में हुई इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। किसानों की मौत से ग्रामीण क्षेत्रों में दुख और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। वहीं पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।