CG BREAKING: EOW ने अनवर ढेबर के सहयोगियों के ठिकानों पर की छापेमारी

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Update: 2026-07-28 16:48 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने मामले में आरोपी अनवर ढेबर के सहयोगियों से जुड़े तीन ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की। इस दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, सर्च कार्रवाई के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे कथित घोटाले से अर्जित अवैध रकम को नामी और बेनामी संपत्तियों में निवेश किए जाने की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। EOW अब इन दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
यह कार्रवाई EOW एवं एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। EOW के अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों और आरोपियों से जुड़े ठिकानों की निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में तीन स्थानों पर सर्च कार्रवाई की गई। जांच टीम ने दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री को अपने कब्जे में लिया है। ब्यूरो का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित घोटाले से प्राप्त राशि को किन माध्यमों से निवेश किया गया और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
जांच एजेंसी अब अनवर ढेबर के सहयोगियों और मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों और जब्त किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। EOW अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत इस मामले में भी अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। CSMCL से जुड़े इस मामले में पहले से ही जांच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ओवरटाइम भुगतान के नाम पर कथित रूप से हुई अनियमितताओं में किन लोगों की संलिप्तता रही और इससे आर्थिक लाभ किसे मिला।
EOW ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान नए तथ्य और साक्ष्य सामने आने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जांच एजेंसी द्वारा दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल EOW की टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
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