Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पंजाब के अमृतसर से कथित मुख्य सप्लायर रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू (40 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और सकरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पंजाब पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा। उसे बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से हेरोइन की सप्लाई से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब से बिलासपुर तक नशीले पदार्थों की आपूर्ति किन-किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी और इस कारोबार में अन्य कौन लोग शामिल हैं। डीएसपी सुदीप सरकार ने बताया कि पूरे मामले की शुरुआत 24 अक्टूबर 2026 को हुई थी। उस दिन एसीसीयू और सकरी पुलिस की संयुक्त टीम ने उसलापुर बाजार के पास कार्रवाई करते हुए दीपक वालिया (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। दीपक मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का निवासी है।

वर्तमान में बिलासपुर के उसलापुर क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने दीपक वालिया के कब्जे से 11.73 ग्राम हेरोइन और 10 हजार 500 रुपये नकद जब्त किए थे। जब्त हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपये बताई गई थी। इस मामले में सकरी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पूछताछ के दौरान दीपक वालिया से नशीले पदार्थों की सप्लाई के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात पुलिस ने कही है। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई।

इस दौरान हेरोइन की आपूर्ति के तार पंजाब के अमृतसर निवासी रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपी तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित कर पंजाब भेजने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने अमृतसर पहुंचकर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और तकनीकी जानकारी के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू की। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को अमृतसर की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया।

इसके बाद पुलिस उसे 5 नवंबर को बिलासपुर लेकर पहुंची और न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में केवल स्थानीय स्तर पर हेरोइन बेचने वाले आरोपी की गिरफ्तारी तक जांच सीमित नहीं रखी गई। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एंड-टू-एंड विवेचना की गई, ताकि नशीले पदार्थ की आपूर्ति करने वाले मुख्य व्यक्ति और उससे जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और आपूर्ति में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमृतसर में हुई इस कार्रवाई में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, सकरी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय शिंदे, एएसआई सुरेंद्र तिवारी, राजेश्वरधर दीवान और आरक्षक राकेश यादव एवं रमेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बीच संपर्क, हेरोइन की आपूर्ति के तरीकों और संभावित अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
Tags: