Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस ने अंतरजिला डीजल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। सड़क किनारे और पेट्रोल पंपों की पार्किंग में खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का 504 लीटर डीजल, नकदी, डीजल चोरी करने में इस्तेमाल होने वाली पाइप और दो स्कॉर्पियो वाहन जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 36 लाख 6 हजार 419 रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह बेमेतरा के अलावा बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (आईपीएस) ने इस मामले का खुलासा किया। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दो कंटेनर ट्रकों से चोरी हुआ था 550 लीटर डीजल
मामले की शुरुआत 26 अक्टूबर 2026 को हुई, जब मध्य प्रदेश के सिवनी निवासी अनीश कुमार बघेल ने थाना नांदघाट में डीजल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह कंटेनर ट्रक चालक हैं। 25 अक्टूबर को वे नागपुर से हल्दीराम नमकीन का सामान कंटेनर क्रमांक CG 04 RB 1155 में लोड कर झारखंड के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ एक अन्य कंटेनर ट्रक क्रमांक MH 49 BZ 7621 भी चल रहा था, जिसे शंकर सिडाम चला रहे थे। 26 अक्टूबर की रात दोनों चालक रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 स्थित ग्राम चिचोली के जियो पेट्रोल पंप पहुंचे।
रात होने के कारण उन्होंने अपने-अपने कंटेनर ट्रक पार्किंग में खड़े कर दिए और सो गए। सुबह करीब 6 बजे जब अनीश कुमार की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उनके ट्रक की डीजल टंकी का ढक्कन खुला हुआ है और डीजल गायब है। इसके बाद उन्होंने दूसरे ट्रक की जांच की तो वहां भी डीजल चोरी होने का पता चला। दोनों ट्रकों से कुल 550 लीटर डीजल चोरी किया गया था। इसमें एक ट्रक से 350 लीटर और दूसरे ट्रक से 200 लीटर डीजल गायब था। चोरी गए डीजल की कीमत करीब 54 हजार 450 रुपये बताई गई। शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव और एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना नांदघाट, सिटी कोतवाली और साइबर सेल की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर 31 अक्टूबर 2026 को घेराबंदी कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मिलकर अलग-अलग जिलों में ट्रकों से डीजल चोरी करने की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करते थे चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आपस में मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क बनाए रखते थे। गिरोह के सदस्य सड़क किनारे खड़े ट्रकों को निशाना बनाते थे। वारदात के दौरान स्कॉर्पियो वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी वास्तविक वाहन पंजीयन नंबर की जगह डिजिटल नंबर प्लेट में बदलाव कर फर्जी नंबर का उपयोग करते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। आरोपी दो स्कॉर्पियो वाहनों का इस्तेमाल करते थे। इनमें एक वाहन उपेन्द्र यादव और दूसरा राजेश कोयल के कब्जे में था। चोरी के दौरान टंकी के लॉक को लोहे की रॉड से तोड़ा जाता था और पाइप की मदद से डीजल निकाल लिया जाता था। इसके बाद चोरी का डीजल अन्य लोगों को बेचकर मिली रकम आपस में बांट ली जाती थी।
कई जिलों में चोरी की वारदातों का खुलासा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच कई स्थानों पर डीजल चोरी करने की जानकारी दी। इनमें बेमेतरा क्षेत्र के रांका स्थित आदिशक्ति ढाबा के पास खड़े वाहन से करीब 500 लीटर, ग्राम बेतर बिजली कार्यालय के पास से करीब 100 लीटर और जांजगीर-चांपा के बाराद्वार क्षेत्र से करीब 270 लीटर डीजल चोरी करने की बात सामने आई। इसके अलावा सिमगा क्षेत्र से करीब 170 लीटर, बिलासपुर के ढेका के पास से करीब 250 लीटर तथा बेमेतरा के सैगोना से करीब 300 लीटर डीजल चोरी करने का खुलासा हुआ। आरोपियों ने सरगांव और अन्य स्थानों पर भी ट्रकों को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस इन सभी मामलों की जानकारी का संबंधित थाना क्षेत्रों से मिलान कर रही है।
दो स्कॉर्पियो समेत 36 लाख की संपत्ति जब्त
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियां जब्त की हैं। इनमें CG 12 BV 4596 और CG 11 BS 6684 शामिल हैं। दोनों वाहनों की कीमत करीब 34 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 504 लीटर डीजल, जिसकी कीमत 52 हजार 419 रुपये है, डीजल बिक्री से प्राप्त 1 लाख 54 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल होने वाली पाइप भी जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 36 लाख 6 हजार 419 रुपये बताई गई है।
ये नौ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने निखिलदास, सूरज कुर्रे, मनीष कुमार जांगड़े उर्फ मोना, संजीत कुमार अनंत, जयकरण खुंटे, शुभम जांगड़े, उपेन्द्र उर्फ ननकी यादव, रेशम उर्फ मोनू यादव और राजेश कोयल को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) भी जोड़ी हैं। इस कार्रवाई में थाना नांदघाट, सिटी कोतवाली और साइबर सेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।