धमतरी में बाल विवाह होने से पहले रोका गया, हल्दी-मेहंदी के बाद पहुंची बारात
छग
Dhamtari. धमतरी। जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह होने से पहले रोक दिया गया। कुरुद विकासखंड के एक गांव में नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी पूरी हो चुकी थी। घर में हल्दी-मेहंदी की रस्में हो चुकी थीं और बारात भी गांव पहुंच गई थी, लेकिन जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवा दिया। जानकारी के अनुसार, जिला बाल संरक्षण विभाग को सूचना मिली थी कि कुरुद क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम पुलिस के सहयोग से तत्काल गांव पहुंची।
जब टीम मौके पर पहुंची, तब तक विवाह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। वधू को हल्दी और तेल की रस्म भी पूरी कराई जा चुकी थी। घर में शादी का माहौल था और बाजे-गाजे के साथ बारात भी पहुंच चुकी थी। प्रशासनिक टीम के पहुंचने के बाद गांव में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी यशवंत बैस ने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। जांच में सामने आया कि लड़की की उम्र 17 वर्ष 5 माह है, जबकि लड़के की उम्र 18 वर्ष है।
अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि कानून के अनुसार निर्धारित उम्र से पहले विवाह कराना अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत नाबालिग का विवाह अवैध माना जाता है। कानून में ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने परिवार को समझाया कि बाल विवाह से बच्चों के भविष्य और अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि बाल विवाह में शामिल होने वाले अन्य लोगों जैसे पंडित, वाहन चालक और सहयोग करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
समझाइश के बाद लड़की के पिता ने विवाह रोकने पर सहमति जताई। इसके बाद शादी की सभी तैयारियां रोक दी गईं और बारात को वापस लौटना पड़ा। बाल संरक्षण विभाग ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बाल विवाह के नुकसान और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी क्षेत्र में नाबालिगों के विवाह की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे विवाहों को रोका जा सके।