कोचिंग संस्थान पर अग्रिम फीस वापस न करने का आरोप, अभिभावक ने थाने में दी शिकायत

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Update: 2026-07-06 17:20 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर के तारबहार थाना क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान पर अग्रिम शुल्क लेकर वापस न करने का आरोप सामने आया है। इस मामले में एक अभिभावक ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। मामला लिंक रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता मनीष चांदोलिया, निवासी नंदू गैरेज गली तेलीपारा ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने अपने पुत्र चित्रानशु चांदोलिया की कक्षा 8वीं की कोचिंग के लिए संस्थान से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान कुल फीस 30 हजार रुपये तय की गई थी, जिसमें 5 हजार रुपये अग्रिम और शेष 25 हजार रुपये किस्तों में जमा करने की सहमति बनी थी। अभिभावक का आरोप है कि उन्होंने नियमानुसार सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए और 5 हजार रुपये अग्रिम शुल्क भी जमा कर दिया।


 



लेकिन इसके बाद संस्थान ने फीस संरचना बदलते हुए पूरी 30 हजार रुपये की राशि एकमुश्त जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी आर्थिक स्थिति एकमुश्त फीस जमा करने की नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने बच्चे का प्रवेश न कराने का निर्णय लिया और पहले दी गई अग्रिम राशि वापस करने का अनुरोध किया। लेकिन आरोप है कि संस्थान ने अग्रिम राशि लौटाने से इनकार कर दिया। मनीष चांदोलिया ने इसे आर्थिक धोखाधड़ी बताते हुए कहा है कि 5 हजार रुपये की राशि वापस न मिलने के कारण वे अपने पुत्र का दाखिला किसी अन्य कोचिंग संस्थान में भी नहीं करा पा रहे हैं, जिससे बच्चे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण है और उसका वापस न मिलना उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है।

पीड़ित अभिभावक ने तारबहार थाना प्रभारी को आवेदन देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य अभिभावक भी इसी तरह की परेशानी का सामना कर सकते हैं। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, संबंधित
कोचिंग संस्थान
की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोचिंग संस्थानों में फीस और रिफंड नीति को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि अभिभावकों को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों से भी जुड़ता नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
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