नाबालिग वाहन चालकों पर सख्ती, तीन दिन में 89 पर कार्रवाई

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Update: 2026-07-29 15:39 GMT
Durg. दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस ने लगातार तीसरे दिन विशेष अभियान चलाकर व्यापक कार्रवाई की। अभियान के तहत बुधवार को 22 नाबालिग वाहन चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े गए। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में कुल 89 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। यातायात पुलिस ने केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए अभिभावकों की काउंसिलिंग की, उनसे वचन पत्र भरवाए और जिले के विभिन्न स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों एवं स्कूल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
यातायात पुलिस ने जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, विद्यालयों के आसपास और व्यस्त मार्गों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान जिन नाबालिगों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाते पाया गया, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। कार्रवाई के बाद सभी नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-06, भिलाई में आयोजित विशेष बैठक में बुलाया गया। बैठक में यातायात पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों को सड़क सुरक्षा और कानून के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कम उम्र के बच्चे वाहन संचालन के लिए आवश्यक मानसिक परिपक्वता, अनुभव और त्वरित निर्णय क्षमता विकसित नहीं कर पाते। ऐसे में अचानक उत्पन्न होने वाली सड़क परिस्थितियों में वे सही निर्णय लेने में असफल रहते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सड़क हादसों के वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अभिभावकों को समझाया कि कम उम्र में बच्चों को वाहन उपलब्ध कराना उनके जीवन को अनावश्यक खतरे में डालना है। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो केवल बच्चे पर ही नहीं, बल्कि वाहन स्वामी और अभिभावक के खिलाफ भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यातायात पुलिस ने सभी अभिभावकों से लिखित वचन पत्र भी भरवाया। इसमें उन्होंने यह संकल्प लिया कि जब तक उनके बच्चे वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक उन्हें किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति नहीं देंगे। साथ ही वे स्वयं भी अपने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ यातायात पुलिस ने जनजागरूकता अभियान भी तेज किया। इसी क्रम में मानसरोवर स्कूल जंजगीरी, शारदा विद्यालय रिसाली, केपीएस दुर्ग, स्वामी आत्मानंद स्कूल फरीद नगर सहित अन्य विद्यालयों में विशेष सड़क सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन न चलाने, हेलमेट पहनने, यातायात संकेतों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी गई। स्कूल प्रबंधन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि कोई छात्र-छात्रा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया या चारपहिया वाहन लेकर विद्यालय आता है, तो उसे तत्काल रोका जाए। ऐसे मामलों की जानकारी अभिभावकों को दी जाए और आवश्यक कदम उठाकर विद्यार्थियों को वाहन से स्कूल आने से रोका जाए। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में स्कूलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
यातायात पुलिस ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी परिस्थिति में बिना ड्राइविंग लाइसेंस उन्हें वाहन न दें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। सुरक्षित यातायात व्यवस्था तभी संभव है, जब अभिभावक, विद्यालय और समाज मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करना और बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाना है।
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