Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित क्रेस्ट ग्रीन्स रेसिडेंशियल सोसायटी में करंट लगने से माली एस. तुफान की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घटना के करीब पांच महीने बाद पुलिस ने सोसायटी के तत्कालीन मैनेजर शिवम कुमार के खिलाफ सरस्वती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवम कुमार ने सोसायटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें जबरन इस मामले में फंसाया जा रहा है, ताकि सोसायटी के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों को बचाया जा सके। शिवम कुमार ने आरोप लगाया है कि घटना के समय उन्होंने मजदूरों को बुलाने से मना किया था, लेकिन सोसायटी पदाधिकारियों के दबाव में मजदूरों को काम के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद उन्होंने मजदूरों की जान बचाने का प्रयास किया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की थी। शिवम का दावा है कि घटना के बाद से वह मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और पूरे मामले में उन्हें अकेला जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, मृतक एस. तुफान की पत्नी एस. गायत्री ने पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों से शिकायत करते हुए सोसायटी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनके पति की मौत सोसायटी परिसर में खुले और असुरक्षित हाईटेंशन बिजली तारों की वजह से हुई। महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद सोसायटी पदाधिकारियों ने परिवार पर पुलिस शिकायत नहीं करने का दबाव बनाया था। उन्होंने आर्थिक सहायता और मुआवजे का आश्वासन देकर परिवार को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस मदद नहीं की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने क्रेस्ट ग्रीन्स सोसायटी के तत्कालीन मैनेजर शिवम कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1 दिसंबर 2025 को हुआ था हादसा
शिकायत के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 को क्रेस्ट ग्रीन्स फेज-1 परिसर में एस. तुफान बागवानी का काम कर रहे थे। सुबह करीब 9.30 बजे वह धातु की सीढ़ी लेकर जा रहे थे। इसी दौरान सीढ़ी परिसर में खुले पड़े हाई वोल्टेज बिजली तार के संपर्क में आ गई। तेज करंट की चपेट में आने से एस. तुफान बुरी तरह झुलस गए थे। परिजनों के अनुसार, उनके शरीर का करीब 60 से 65 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। घटना के बाद उन्हें तत्काल पचपेड़ी नाका स्थित निजी बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया, लेकिन गंभीर हालत के चलते उनकी मौत हो गई।
मैनेजर शिवम ने लगाए पदाधिकारियों पर आरोप
एफआईआर के बाद शिवम कुमार ने सोसायटी के पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटी अध्यक्ष विनय अग्रवाल, उपाध्यक्ष शंकर बजाज, योगेश अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल और महेंद्र तलरेजा सहित अन्य पदाधिकारियों को बचाने के लिए उन्हें आरोपी बनाया गया है। शिवम ने कहा कि हादसे के दिन भी उन्होंने मजदूरों को बुलाने से इनकार किया था, लेकिन पदाधिकारियों के दबाव के बाद मजदूरों को काम के लिए बुलाया गया। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद जब उन्होंने सोसायटी पदाधिकारियों से चर्चा करने की कोशिश की तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बजाय मामले से दूरी बना ली।
परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक की पत्नी एस. गायत्री ने शिकायत में कहा कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। परिवार में पत्नी, पुत्र, अविवाहित बहन और करीब 90 वर्षीय वृद्ध माता आश्रित हैं। उन्होंने बताया कि पति की मौत के बाद रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का आर्थिक लाभ लेना नहीं, बल्कि न्याय प्राप्त करना है और उन लोगों पर कार्रवाई चाहते हैं जिनकी लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान गई।
20 लाख रुपये मुआवजे का दिया था आश्वासन
शिकायत में मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद सोसायटी अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, आर्थिक सहायता और भविष्य में रोजगार में सहयोग देने का आश्वासन दिया था। आर्थिक परेशानियों के कारण परिवार ने उस समय भरोसा कर लिया और पुलिस में तत्काल शिकायत नहीं की। परिजनों का आरोप है कि समय बीतने के बाद पदाधिकारी अपने वादों से पीछे हट गए और परिवार से संपर्क भी कम कर दिया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस हादसे की परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली तारों की स्थिति और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका की जांच करेगी। वहीं शिवम कुमार के आरोपों के बाद मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए वास्तविक जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा में लापरवाही किस स्तर पर हुई।