Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए स्कॉर्पियो से खतरनाक स्टंटबाजी करना एक युवक को महंगा पड़ गया। शहर के रणजीता स्टेडियम में स्कॉर्पियो वाहन से स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने वाहन को जब्त करते हुए चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 10,300 रुपये का समन शुल्क लगाया है। इसके साथ ही चालक को भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है।

रील बनाने के लिए स्टेडियम में कर रहे थे स्टंट
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के रणजीता स्टेडियम में दो युवक स्कॉर्पियो वाहन से खतरनाक तरीके से स्टंटबाजी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि युवक सोशल मीडिया पर रील बनाने के उद्देश्य से वाहन को तेज गति में चलाकर स्टंट कर रहे थे। इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद यातायात पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

18 वर्षीय युवक की निकली स्कॉर्पियो
जांच के दौरान पुलिस ने स्टंट में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक CG 11 C 5352 की पहचान की। यह वाहन शहर के विष्णुबगान निवासी 18 वर्षीय अरमान मनिहार का बताया गया है। वाहन की पहचान होने के बाद यातायात पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया। पुलिस ने वाहन चालक के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई तरह के उल्लंघन सामने आए। इसके बाद पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 10,300 रुपये का समन शुल्क लगाया।


इन नियमों के उल्लंघन पर लगा जुर्माना
पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की है।
- धारा 184 के तहत खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 5,000 रुपये।
- धारा 196 के तहत वाहन का बीमा नहीं होने पर 4,000 रुपये।
- धारा 56/192 के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं होने पर 1,000 रुपये।
- धारा 119/177 के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 300 रुपये।

इस प्रकार कुल 10,300 रुपये का समन शुल्क लगाया गया है। पुलिस ने चालक को समझाइश देते हुए दोबारा इस तरह की स्टंटबाजी नहीं करने की चेतावनी दी। जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को रोकना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में सितंबर महीने तक जिले में कुल 362 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 263 लोगों की जान जा चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, अधिकांश सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार, अनियंत्रित वाहन संचालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना तथा यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण हैं।

यातायात सुरक्षा को लेकर चल रहा अभियान
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पिछले दो वर्षों से वाहन चालकों से शपथ पत्र भरवाने के साथ ही 'हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं' अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर खतरनाक स्टंटबाजी करने, तेज गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है।

स्टंटबाजी करने वालों को एसएसपी की सख्त चेतावनी
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार और डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान के मार्गदर्शन में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि सड़क पर स्टंटबाजी करने, मॉडिफाइड वाहनों का उपयोग करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यातायात नियमों का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की जान बचाना है।
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