खेत में प्रसव कराया गया, स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था देने में लाचार

Update: 2026-08-01 02:52 GMT

अंबिकापुर। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के चलते बंद हुए रास्ते ने एक गर्भवती महिला की जान जोखिम में डाल दी। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के धुरिया गांव में एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी तो प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को खेत में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। तीन महीने से बंद पड़े रास्ते को खुलवाने परिवार ने अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार धुरिया गांव निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। स्वजन ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस गांव तक पहुंच भी गई, लेकिन घर तक जाने वाला कच्चा रास्ता बंद होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी।

मजबूरी में स्वजन महिला को पैदल खेतों के रास्ते एंबुलेंस तक ले जाने लगे। इसी दौरान रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जहां तीन महिलाएं साड़ी और कपड़ों का घेरा बनाकर प्रसव कराते नजर आ रही हैं। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

महिला के परिवार का आरोप है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण उनके घर तक आने-जाने का रास्ता पिछले करीब तीन महीने से बंद है। इस संबंध में परिवार ने नायब तहसीलदार कार्यालय में कई बार आवेदन दिया। हाल ही में जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन रास्ता नहीं खुल सका। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते रास्ता खुलवा दिया जाता तो महिला को खेत में प्रसव जैसी स्थिति नहीं झेलनी पड़ती। उन्होंने गांव में पक्की सड़क और आवागमन की स्थायी व्यवस्था की मांग की है।

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