Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन और सहायक आयुक्त आबकारी श्री अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग की टीम ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में अवैध महुआ शराब के साथ एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसी दौरान विभाग को अवैध महुआ शराब के परिवहन और बिक्री की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों के आधार पर आबकारी टीम ने जांच और कार्रवाई शुरू की। पहली कार्रवाई आबकारी वृत्त रायगढ़ (दक्षिण) अंतर्गत आबकारी जांच चौकी रेंगालपाली में की गई। 28 जुलाई 2026 को वाहनों की सघन जांच के दौरान टीम ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। जांच करने पर मोटरसाइकिल चालक के पास से अवैध महुआ शराब बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी की पहचान ग्राम कोसमंदा थाना पुसौर निवासी शशि सिदार के रूप में हुई। आरोपी लाल रंग की हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल से कनकतुरा से पुसौर की ओर जा रहा था। उसके कब्जे से 6 लीटर ओडिशा निर्मित महुआ शराब जब्त की गई। जब्त शराब का बाजार मूल्य लगभग 1,200 रुपये आंका गया है। आबकारी टीम ने वाहन और शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी यह शराब कहां से लेकर आया था और इसे कहां खपाने की तैयारी थी।
इसी क्रम में आबकारी विभाग ने दूसरी कार्रवाई ग्राम तेतला थाना पुसौर क्षेत्र में की। यहां रहने वाले कन्हैया पटेल के रिहायशी मकान की जांच की गई, जहां से अवैध महुआ शराब बरामद हुई। आरोपी के कब्जे से 5.050 लीटर महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब 1,010 रुपये बताई गई है। दोनों मामलों में आबकारी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आबकारी विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब का निर्माण और बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक याजेन्द्र मेहर, आबकारी मुख्य आरक्षक दिनेश्वर सिंह कंवर और महिला आबकारी आरक्षक समिता चक्रेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की सक्रियता के कारण अवैध शराब परिवहन और भंडारण के मामलों में कार्रवाई करने में सफलता मिली।
आबकारी विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण, बिक्री या परिवहन की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल विभाग या पुलिस को दें। विभाग का कहना है कि सूचना के आधार पर गोपनीय तरीके से जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की लगातार कार्रवाई से ऐसे कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का उद्देश्य जिले में अवैध शराब की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।