फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी दिलाने का दिया झांसा, ठगबाज गिरफ्तार

छग

Update: 2026-07-10 13:55 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर लोगों से ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नगद राशि और ठगी में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों के बीच अपनी पहचान एक प्रभावशाली केंद्रीय अधिकारी के रूप में बनाता था। वह एडिट किए हुए फोटो और फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास जीतता था। इसके बाद सरकारी नौकरी लगवाने, मनचाही जगह ट्रांसफर कराने और पोस्टिंग दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल करता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी गुरु नारायण ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि करीब दो साल पहले ट्रेन में उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया और अपनी ऊंची पहुंच का दावा किया।
आरोपी ने प्रार्थी को भरोसा दिलाया कि वह सरकारी विभागों में ट्रांसफर, पोस्टिंग और नौकरी लगवाने का काम करवा सकता है। उसने प्रार्थी को 5 लाख रुपये में मनचाही पदस्थापना कराने का प्रलोभन दिया। बाद में आरोपी द्वारा अलग-अलग पद और विभाग दर्शाने वाले संदिग्ध पहचान पत्र दिखाने पर प्रार्थी को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिविल लाइन में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 376/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) स्मृतिक राजनाला ने अधिकारियों को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ की और आरोपी के संबंध में तकनीकी जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को भारत सरकार का सहायक आयुक्त बताकर फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। वह लोगों के सामने अपनी बड़ी पहुंच और अधिकारियों से संबंध होने का दावा करता था। इसके लिए वह एडिट किए गए फोटो और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर लोगों का भरोसा हासिल करता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने, ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने का झांसा देकर लाखों रुपये लिए हैं। ठगी से मिली रकम से उसने महंगे सामान, लैपटॉप और मोबाइल सहित अन्य वस्तुएं खरीदी थीं।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कई महत्वपूर्ण सामान जब्त किए हैं। इनमें फर्जी पहचान पत्र, विभिन्न दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, फर्जी सिम, क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज, नगद राशि और घटना में इस्तेमाल की गई कार शामिल है। आरोपी ने अपनी कार पर भी भारत सरकार लिखवा रखा था, ताकि लोगों पर प्रभाव बनाया जा सके। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जानकारी सामने आने की संभावना है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29 वर्ष) पिता राम निवास राय, निवासी राजपुर नौरंग रायकेडेरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार) के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में मारूति सेवन वंडर सिटी, अमलेश्वर, जिला दुर्ग में रह रहा था। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी अधिकारी बनकर नौकरी, ट्रांसफर या अन्य सरकारी काम कराने का दावा किया जाता है तो उसकी जानकारी और दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें। ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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