साइबर ठगी के पैसों से खरीदे सोने के सिक्के, रायपुर पुलिस ने 3 आरोपी दबोचे

दो ज्वेलर्स को लगाया लाखों का चूना

Update: 2026-07-27 14:14 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए सोने के सिक्के खरीदकर ज्वेलर्स से धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने टिकरापारा क्षेत्र की दो ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाते हुए साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों और यूपीआई के जरिए भुगतान कर लाखों रुपये के सोने के सिक्के खरीद लिए। बाद में जब बैंक ने संबंधित लेन-देन को साइबर फ्रॉड से जुड़ा बताते हुए राशि फ्रीज कर दी, तब व्यापारियों को धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के, जिनकी कीमत लगभग ₹1.80 लाख है, बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
पुलिस के अनुसार पहला मामला संतोषी नगर मेन रोड स्थित ओम शांति ज्वेलर्स का है। दुकान संचालक ऋषभ शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि 18 जुलाई 2026 को दो युवक उनकी दुकान पर पहुंचे। एक युवक दुकान के अंदर आया, जबकि दूसरा बाहर निगरानी करता रहा। अंदर आए युवक ने 7 ग्राम सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जताई। दुकान में 7 ग्राम का एकल सिक्का उपलब्ध नहीं होने पर उसे 1-1 ग्राम के सात सोने के सिक्के दिए गए, जिनकी कुल कीमत ₹99,900 थी। आरोपी ने JAGDAMBA TC नामक यूपीआई आईडी के माध्यम से भुगतान किया। दो दिन बाद बैंक ने सूचना दी कि यह राशि साइबर धोखाधड़ी से संबंधित है और उसे फ्रीज कर दिया गया है। इससे व्यापारी को लगभग ₹99,900 का नुकसान हुआ।
दूसरा मामला टिकरापारा मेन रोड स्थित अजय ज्वेलर्स का है। दुकान संचालक अजय सोनी ने पुलिस को बताया कि 17 जुलाई को एक युवक ने 5 ग्राम का सोने का सिक्का ₹76,220 में खरीदा और भुगतान उसी JAGDAMBA TC यूपीआई आईडी से किया। इसके बाद उसने दोबारा ₹23,500 का ऑनलाइन भुगतान कर सोना लेने से इनकार करते हुए राशि वापस ले ली। बाद में बैंक ने सूचित किया कि खाते में आई कुल ₹1,99,440 की राशि साइबर ठगी से जुड़ी है और उसे होल्ड कर दिया गया है। यह रकम वास्तविक साइबर ठगी के पीड़ित को लौटाई जानी है, जिससे ज्वेलर को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दोनों मामलों में टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 676/26 और 677/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ताओं से पूछताछ करने के साथ-साथ आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, बैंक खाते, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग कर सोने के सिक्के खरीदे, ताकि अवैध धन को वैध संपत्ति में बदला जा सके। लगातार तकनीकी और मैदानी जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने मनजीत मंडल, शाहिल नेताम और आयुष साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग कर सोने के सिक्के और अन्य आभूषण खरीदने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के, जिनकी कीमत लगभग ₹1.80 लाख है, बरामद कर लिए। इसके अलावा मामले से जुड़े मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है ताकि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और धन के लेन-देन का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह से अन्य लोगों के जुड़े होने की संभावना है। इसी कारण आरोपियों से
विस्तृत पूछताछ
की जा रही है और उनके बैंकिंग ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल, चैट, डिजिटल भुगतान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने अन्य शहरों या राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों में मनजीत मंडल (27 वर्ष) निवासी बांदे, जिला कांकेर, शाहिल नेताम (21 वर्ष) निवासी संजय नगर, टिकरापारा तथा आयुष साहू (21 वर्ष) निवासी संजय नगर, टिकरापारा शामिल हैं। पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी की राशि से खरीदे गए अन्य सोने के सिक्कों और आभूषणों का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है और इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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