Raipur. रायपुर। भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में राजधानी रायपुर में विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने मामले के विरोध में लाखेनगर चौक पर क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि अरुण पन्नालाल की ओर से फेसबुक पर भगवान शिव को लेकर कथित तौर पर
अभद्र टिप्पणी
किए जाने के बाद हिंदू संगठनों में नाराजगी फैल गई। मामला सामने आने के बाद बीजेपी और छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अरुण पन्नालाल के घर का घेराव कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। विवाद बढ़ने और भारी विरोध के बीच पुलिस ने अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, उन्हें 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अरुण पन्नालाल के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। शुक्रवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लाखेनगर चौक पहुंचे और वहां अरुण पन्नालाल का पुतला जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक भावनाओं के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर रखी।
बीजेपी और छत्तीसगढ़ बजरंग दल की ओर से भी मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी, उसके संदर्भ और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। सोशल मीडिया पर भी किसी तरह की आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित न करने की अपील की जा रही है। फिलहाल अरुण पन्नालाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं हिंदू संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद राजधानी में इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
Tags: