Raipur. रायपुर। पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से रायपुर रेंज स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और राजपत्रित पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निराकरण, वित्तीय अनुसंधान, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था, पुलिस अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान IG अमरेश मिश्रा ने अधिकारियों को पुलिसिंग में गुणात्मक सुधार लाने के लिए ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप की अवधारणा अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में पुलिस अधिकारियों को केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक, बेहतर प्रबंधन, टीम मोटिवेशन और व्यक्तिगत जवाबदेही के माध्यम से संगठन को मजबूत बनाना चाहिए।
लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
बैठक में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराधों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। इसमें गंभीर अपराध, चालान प्रकरण, खात्मा रिपोर्ट, ब्लाइंड मर्डर, चिटफंड और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जाए और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए। IG अमरेश मिश्रा ने राजपत्रित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गंभीर मामलों में स्वयं जिम्मेदारी लेते हुए विवेचना की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि साक्ष्य संकलन, आरोपियों की गिरफ्तारी, चालान पेश करने और न्यायालयीन प्रक्रिया तक हर स्तर पर प्रभावी सुपरविजन जरूरी है। बैठक में नए आपराधिक कानूनों और संगठित अपराध से जुड़े प्रावधानों के बेहतर इस्तेमाल पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए कानूनों की सही जानकारी और उनका उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
वित्तीय अनुसंधान से अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार
समीक्षा बैठक के दौरान एसपी और राजपत्रित अधिकारियों के लिए वित्तीय अनुसंधान एवं संसाधन प्रबंधन विषय पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें अपराध से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए वित्तीय जांच की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में मनी ट्रेल की जांच, बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण, बेनिफिशियल ओनरशिप की पहचान, अपराध से अर्जित संपत्ति का चिन्हांकन और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने के तरीकों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों में शुरुआत से ही वित्तीय जांच को शामिल किया जाए। इसके माध्यम से केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित न रहकर सप्लायर, फाइनेंसर, ट्रांसपोर्टर और पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जाए। SAFEMA के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को फ्रीज करने और जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
रिसोर्स मैनेजमेंट से बढ़ेगी पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता
बैठक में पुलिस संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। मानव संसाधन, वाहनों, तकनीकी उपकरणों और उपलब्ध पुलिस बल के सही इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्राथमिकता के आधार पर पुलिस बल की तैनाती की जाए। स्पष्ट कमांड सिस्टम, बेहतर आपसी समन्वय और जवाबदेही के माध्यम से पुलिस की कार्यक्षमता को और मजबूत किया जा सकता है।
स्मार्ट ट्रैफिक और साइबर अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान
बैठक में गोवंश तस्करी, अवैध शराब और नारकोटिक्स मामलों में जब्त वाहनों की समयबद्ध राजसात कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए CCTV कैमरों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और डेटा आधारित एनफोर्समेंट सिस्टम के उपयोग पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तकनीक के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। साइबर अपराधों से निपटने के लिए रेंज स्तर पर साइबर टास्क फोर्स के गठन पर भी चर्चा की गई। जटिल साइबर अपराध मामलों में रेंज साइबर थाना से तकनीकी सहायता लेने के निर्देश दिए गए।
अनुशासन और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
बैठक में पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने, विभागीय जांचों के समयबद्ध निराकरण, महिला संबंधी शिकायतों में संवेदनशील रवैया अपनाने और डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई। इसके अलावा अवैध प्रवासियों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। IG अमरेश मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस संगठन को मजबूत बनाने के लिए नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता और टीम भावना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप अपनाते हुए पुलिसिंग में सकारात्मक बदलाव लाने और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए। रायपुर रेंज की यह समीक्षा बैठक अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के आधार पर आने वाले समय में पुलिस व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।