Mahasamund. महासमुंद। जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पलसापाली बेरियर पर नाकाबंदी के दौरान मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से .315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 3 लाख 25 हजार रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 9 और 10 अगस्त की दरमियानी रात पलसापाली बेरियर पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से एक बिना नंबर की सफेद रंग की मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार आती दिखाई दी। वाहन को देखकर पुलिस टीम को संदेह हुआ, जिसके बाद कार को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो कार के डैशबोर्ड और सीट के पास से .315 बोर का देशी कट्टा बरामद हुआ। इसके साथ ही तीन जिंदा कारतूस भी मिले। पुलिस ने वाहन के अंदर मौजूद सामान की जांच आगे बढ़ाई तो एक बैग से 3 लाख 25 हजार रुपये नगद बरामद हुए। इसके अलावा आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने ओडिशा के बलांगीर जाने और वहां से गांजा खरीदने की बात पुलिस को बताई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे गांजा खरीदने के उद्देश्य से बलांगीर गए थे। उनके अनुसार, रास्ते में किसी तरह की बाधा आने पर उसका सामना करने और कथित तौर पर किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की नीयत से हथियार साथ रखा गया था। हालांकि, गांजा सप्लायर से संपर्क नहीं हो पाने के कारण वे बिना गांजा लिए वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पलसापाली बेरियर पर पुलिस की नाकाबंदी में उनका वाहन पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमाशंकर शर्मा, आकाश काकर शर्मा उर्फ गोलू और शिवम शर्मा, तीनों निवासी जिला भिंड, मध्यप्रदेश, तथा शनि सिंग उर्फ संदीप निवासी आगरा, उत्तरप्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, उनके आपसी संपर्क और संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
बसना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 25 आर्म्स एक्ट तथा धारा 61(2)(क) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान में देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, नगदी, मोबाइल फोन और वाहन शामिल हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 19 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का किसी अन्य आपराधिक गिरोह से संपर्क है या नहीं। ओडिशा से गांजा खरीदने की बात सामने आने के बाद संभावित नशीले पदार्थों के नेटवर्क से भी उनके संबंधों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाकाबंदी और वाहनों की सघन जांच के दौरान की गई कार्रवाई से संभावित आपराधिक घटना को समय रहते रोकने में मदद मिली। सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की जांच को अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों द्वारा बताई गई गांजा खरीदने की योजना वास्तव में क्या थी और उनके पास मौजूद हथियार का इस्तेमाल किसी अन्य वारदात में तो नहीं किया जाना था। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही गिरोह की पूरी गतिविधियों और उसके संभावित नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।