पत्रकार से मारपीट मामला: आरक्षक अभिषेक बख्श लाइन अटैच, आरोपियों पर FIR दर्ज
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Bilaspur. बिलासपुर। शहर में पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक अभिषेक बख्श को लाइन अटैच कर दिया है। घटना के बाद पत्रकारों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम दयालबंद निवासी पत्रकार शिवा गोरख तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित अंबा पेट्रोल पंप में पेट्रोल भराने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां सतीश तांती नामक व्यक्ति भी पहुंचा। बताया जा रहा है कि सतीश तांती की मोटरसाइकिल शिवा गोरख की बाइक से टकरा गई, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सतीश तांती ने पत्रकार शिवा गोरख के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक और गनमैन अभिषेक बख्श को मौके पर बुलाया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर शिवा गोरख के साथ मारपीट की और किसी नुकीली वस्तु से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में पत्रकार तारबाहर थाने पहुंचे। पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। चूंकि मामले में एक आरोपी पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ था, इसलिए कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाए गए।
बताया जा रहा है कि आरोपी आरक्षक अभिषेक बख्श के खिलाफ पहले भी विवादित गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, मामले में राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि पुलिस ने दबाव के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस ने इस मामले में धारा 296, 115(2), 351 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। साथ ही आरक्षक अभिषेक बख्श को लाइन अटैच कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पत्रकार संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटना के बाद बिलासपुर में पत्रकारों के बीच रोष का माहौल बना हुआ है।