महादेव मनी लॉन्ड्रिंग केस: EbixCash चेयरमैन विकास गर्ग को मिली 10 दिन की ED रिमांड

छग

Update: 2026-07-15 14:10 GMT
Raipur. रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को बुधवार को रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 10 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब प्रवर्तन निदेशालय 24 जुलाई को विकास गर्ग को दोबारा अदालत के सामने पेश करेगा। कोर्ट के आदेश के बाद ईडी की टीम विकास गर्ग को अपने साथ लेकर रवाना हो गई।

अब अगले 10 दिनों तक एजेंसी उनसे कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप नेटवर्क, कथित अवैध धन के लेन-देन, हवाला कारोबार, निवेश के स्रोत और अन्य संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। ईडी की ओर से अदालत में विकास गर्ग की 14 दिनों की रिमांड मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद 10 दिनों की रिमांड मंजूर की। ईडी के विशेष लोक अभियोजक सौरभ पांडेय ने बताया कि अदालत ने विकास गर्ग को 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। अब एजेंसी उनसे मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ करेगी।

दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड के जरिए उन्हें रायपुर लाया गया। इसके बाद उन्हें विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था। ईडी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई वित्तीय लेन-देन और निवेश से जुड़े तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि और आगे की जांच के लिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है।

महादेव ऐप की रकम निवेश करने का आरोप
ईडी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से अर्जित कथित अवैध धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक इस रकम को कई कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग कर शेयरों, प्रतिभूतियों और अन्य संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया। ईडी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कथित अवैध रकम किस तरह कंपनियों तक पहुंची और फिर उसे किस प्रकार निवेश में बदला गया। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर वित्तीय लेन-देन किए गए, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।

940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है ED
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुका है। जांच एजेंसी के अनुसार विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। ईडी का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध धन का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया।

EbixCash में हिस्सेदारी खरीदने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार विकास गर्ग, विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के प्रमोटर हैं। ईडी का दावा है कि एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के माध्यम से कथित अवैध धन का उपयोग कर EbixCash में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की गई। ED अब इस निवेश प्रक्रिया, कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोत की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग या संस्थाएं शामिल हैं।

कई पहलुओं पर होगी पूछताछ
ईडी सूत्रों के मुताबिक विकास गर्ग से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। इनमें महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित लेन-देन, कंपनियों में निवेश की प्रक्रिया, शेयर और सिक्योरिटीज में किए गए निवेश, हवाला नेटवर्क और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका शामिल है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित अवैध रकम किन-किन बैंक खातों और कंपनियों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई।

मामले की जांच जारी
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला पिछले कुछ समय से ईडी की जांच के केंद्र में है। एजेंसी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई भी कर चुकी है। विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी की जांच एक नए चरण में पहुंच गई है। 10 दिन की रिमांड अवधि के दौरान एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, कंपनियों के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करेगी। 24 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में ईडी अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत के सामने रखेगी।
Tags:    

Similar News