Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गोवंश की हत्या कर सिर को अलग-अलग स्थानों पर फेंकने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गौरीनगर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद फरार चल रहे तीन आरोपियों को चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें मुख्य आरोपी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं दो महिला आरोपियों को गौरीनगर से पकड़ा गया है। इस मामले में अब तक एक अपचारी बालिका सहित कुल 14 लोगों को पकड़ा जा चुका है।

शीतला तालाब और अंडरब्रिज के पास फेंका था गोवंश का सिर
जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव के गौरीनगर क्षेत्र में गोवंश की हत्या कर उसके सिर को शीतला तालाब और निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास फेंकने का मामला सामने आया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास शुरू किए। चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम लगातार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिनके आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

नागपुर में छिपा था मुख्य आरोपी, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मुख्य आरोपी एजाज अहमद उर्फ कसाई उर्फ वकील अंसारी फरार हो गया था। उसकी तलाश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि वह नागपुर में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने नागपुर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपराध में शामिल होना स्वीकार किया।

गौरीनगर से दो महिला आरोपी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले में फरार चल रही दो महिला आरोपियों को भी पकड़ा है। इनमें खैरून निशा (60 वर्ष) और नसीमा बेगम उर्फ रानी (57 वर्ष) शामिल हैं। दोनों महिलाओं को गौरीनगर से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने भी पहले गिरफ्तार आरोपियों के साथ अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और उन्हें न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया गया।

अब तक 14 आरोपी पकड़े गए
पुलिस ने बताया कि इस मामले में 17 अक्टूबर को 10 आरोपियों और एक अपचारी बालिका को पकड़ा गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इस तरह प्रकरण में अब तक कुल 14 लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें एक अपचारी बालिका भी शामिल है। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया था।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया मामला
घटना को लेकर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299, 325, 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त पशु क्रूरता से संबंधित कानून की धारा 4, 6 और 10 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस इस मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी उपेंद्र शाह, सोमनी प्रभारी एमन साहू, बसंतपुर प्रभारी कौशलेन्द्र देवांगन, चिखली चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई और उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल के निरीक्षक विनय पम्मार सहित चिखली चौकी पुलिस और साइबर सेल के अन्य जवानों ने आरोपियों की पतासाजी और गिरफ्तारी में सहयोग किया। तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस संवेदनशील मामले की जांच आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। 
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